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    रात 11 बजे के बाद तक जागना बढ़ा सकता है कमर की चौड़ाई, डाइट और एक्सरसाइज से भी नहीं होगा वजन कम

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 09:19 AM (IST)

    क्या आप भी रात को 11 बजे के बाद सोने जाते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं है। हमारी बदलती लाइफस्टाइल के कारण यह आदत काफी आम हो गई है। लेकिन क्या आप जान ...और पढ़ें

    आप भी रात को 11 बजे के बाद सोते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

    आप भी रात को 11 बजे के बाद सोते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की लाइफस्टाइल में देर रात तक जागना एक सामान्य आदत बन गई है। चाहे ऑफिस का काम हो या कोई नई वेब सीरीज देखनी हो, हम अक्सर रात को देर तक जागते हैं। लेकिन क्या आपको पता है आपकी यह आदत आपके वजन और कमर की मोटाई (Late Sleep Increases Belly Fat) पर क्या असर डालती है? 

    जी हां, अक्सर वजन कम करने के लिए हम सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं। लेकिन अगर इन सबसे के बावजूद अगर आप रात को 11 बजे के बाद तक जागते हैं, तो आपका वजन कम नहीं होगा। आइए जानते हैं कैसे रात 11 बजे के बाद सोने से आपके वजन पर क्या असर पड़ता है। 

    Belly Fat (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    ज्यादा भूख लगती है

    जब आप देर तक जागते हैं, तो आपके शरीर के भूख के हार्मोन (घ्रेलिन और लेप्टिन) प्रभावित होते हैं।

    • घ्रेलिन- यह हार्मोन दिमाग को संकेत देता है कि आप भूखे हैं और नींद की कमी से इसका स्तर बढ़ जाता है।
    • लेप्टिन- यह हार्मोन आपको बताता है कि आपका पेट भर गया है। देर रात तक जागने से इसका स्तर गिर जाता है, जिसके कारण आप अगले दिन न केवल ज्यादा भूख महसूस करते हैं, बल्कि आपका शरीर 'फुल' होने का संकेत भी देरी से देता है।

    'मिडनाइट स्नैकिंग' का जाल

    रात 11 बजे के बाद जागने का सबसे बड़ा दुश्मन क्रेविंग्स है। दरअसल, रात के समय जागने वाले लोग अक्सर ज्यादा कैलोरी, मीठी और नमकीन चीजें, जैसे- चिप्स, बिस्कुट या नूडल्स की ओर आकर्षित होते हैं। इस समय खाई गई एक्स्ट्रा कैलोरी का इस्तेमाल शरीर एनर्जी के लिए इस्तेमाल नहीं करती, बल्कि फैट के रूप में जमा कर लेती है।

    मेटाबॉलिज्म का धीमा होना

    नींद की कमी आपके शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को कम कर देती है। जब आप पूरी नींद नहीं लेते, तो आपका शरीर ग्लूकोज को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता। इससे ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है और शरीर एक्स्ट्रा कैलोरी को फैट सेल्स में स्टोर करने लगता है, जिससे मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है

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    कोर्टिसोल का बढ़ता स्तर

    देर रात तक जागना शरीर में स्ट्रेस बढ़ता है। तनाव की स्थिति में शरीर कोर्टिसोल नाम का हार्मोन रिलीज करता है। कोर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर न केवल आपकी भूख बढ़ाता है, बल्कि यह खासतौर से पेट के पास चर्बी जमा करने के लिए जिम्मेदार होता है।

    अगले दिन की थकान और सुस्ती

    अगर आप रात 11 बजे के बाद सोते हैं, तो अगले दिन आप सुस्ती और थकान महसूस करते हैं। इस थकान के कारण आप जिम जाने या फिजिकल एक्टिविटी करने से कतराते हैं। कम कैलोरी बर्न होने और ज्यादा कैलोरी खाने के कारण वजन बढ़ जाता है।

    सुधार के लिए क्या करें?

    वजन घटाना केवल 'कम खाने और ज्यादा चलने' के बारे में नहीं है, बल्कि यह 'सही समय पर सोने' के बारे में भी है। रात 10 से 11 बजे के बीच सो जाना आपके शरीर के नेचुरल सर्केडियन रिदम को बनाए रखता है।

    • सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल बंद कर दें।
    • रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खा लें।
    • सोने का एक फिक्स समय तय करें, यहां तक कि वीकेंड पर भी।


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