30 की उम्र के बाद याददाश्त हो रही है कमजोर? तुरंत शुरू करें 5 एक्टिविटी, वरना बुढ़ापे में होगी मुश्किल
30 की उम्र के बाद रोजमर्रा की दिमागी थकान अक्सर दिमाग को कमजोर बना देती है। ऐसे में अपने ब्रेन को हेल्दी और एक्टिव बनाए रखने के लिए कुछ एक्सरसाइज फायद ...और पढ़ें

दिमाग को तेज करने के लिए अपनाएं ये 5 एक्टिविटी (Picture Credit- Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अपनी रोजमर्रा के जिंदगी में हम कई तरह के काम करते हैं। हालांकि, अपने डेली रूटीन को करते-करते न सिर्फ हमारा शरीर, बल्कि हमारा दिमाग भी थकने लगता है। इस दिमागी थकान के संकेत हमें अक्सर देखने को मिलते रहते हैं। किसी काम से कमरे में गए और वहां पहुंचते ही भूल गए कि क्यों आए थे? या फिर किसी का जाना-पहचाना नाम जुबान पर होकर भी याद नहीं आ रहा?
ये कुछ ऐसी चीजें हैं, तो लगभग सभी के साथ होती है और अक्सर हम इसे थकान, नींद की कमी या काम का तनाव समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो यह आपके दिमाग की ओर से एक चेतावनी हो सकती है। शरीर का ध्यान रखते-रखते हम अक्सर अपनी मेंटल हेल्थ को इग्नोर कर देते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे अपने ब्रेन को हेल्दी बनाने के कुछ आसान से उपायों के बारे में-
एक साथ दो काम करना (Dual Tasking)
अपने दिमाग को एक्टिव रखने के लिए आप डूयल टास्किंग अपना सकते हैं। इसमें आपको ब्रेन को चैलेंज देने के लिए एक साथ दो अलग-अलग तरह के काम करने होंगे। उदाहरण के लिए वॉक करते समय उल्टी गिनती करना या गाना सुनते हुए घर के काम करना। इससे दिमाग की नसों के बीच तालमेल बेहतर होता है और मल्टीटास्किंग आसान हो जाती है।
विजुअल मेमोरी टेस्ट (Observation)
मेमोरी तेज करने के लिए विजुअल मेमोरी टेस्ट भी फायदेमंद साबित होगा। इसके लिए किसी तस्वीर, कमरे या अखबार के पन्ने को 30 सेकंड तक गौर से देखें। अब आंखें बंद करें और यह याद करने की कोशिश करें कि आपने किसी चीज को कहां देखा था और उसका रंग क्या था। ऐसा करने से बारीक चीजों पर फोकस करने की क्षमता बेहतर होती है।
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जानकारी को टुकड़ों में बांटना (Chunking)
किसी भी बड़ी डिटेल या किसी नंबर को याद करने के लिए रटने की आदत न डालें। इसकी जगह उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। उदाहरण के लिए, 10 अंकों के मोबाइल नंबर को 3-3 के टुकड़ों में बांटकर याद करें। इस टेक्नीक से आपकी 'वर्किंग मेमोरी' को तेज होती है। यह ट्रिक स्टूडेंट्स और नौकरीपेशा लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है।
माइंडफुलनेस और सांसों पर ध्यान (Focus Training)
माइंड को रिलैक्स करने और दिमाग को तेज बनाने का यह एक असरदार तरीका है। इसके आपको दिन में किसी भी समय बस 10 मिनट के लिए शांति से बैठना होता है। फिर अपना पूरा ध्यान सांसों पर लगाएं। दिमाग को इधर-उधर भटकने के रोकने के लिए सिर्फ सांसों पर ही ध्यान लगाएं। इस एक्सरसाइज से दिमाग के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' एक्टिव होते हैं, जिससे डिसीजन मेकिंग और फोकस बढ़ता है।

कुछ नया सीखते रहें (Neuroplasticity)
दिमाग को एक्टिव और हेल्दी बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है, कुछ न कुछ नया सिखते रहना। इसके लिए कोई नई भाषा सीखें, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना शुरू करें या फिर रोज ऑफिस जाने के लिए कोई नया रास्ता अपनाएं। जब आप कुछ नया करते हैं, तो दिमाग में नए न्यूरल कनेक्शन बनते हैं, जो उम्र के साथ होने वाली मानसिक समस्याओं को रोकते हैं।