डेंगू-मलेरिया ही नहीं, ये 3 वायरस भी हैं इंसेफेलाइटिस की वजह; ICMR की रिसर्च में खुलासा
ICMR के विज्ञानियों ने इंसेफेलाइटिस के तीन नए कारण खोजे हैं: साइटोमिगैलो, हर्पीज सिंपलैक्स वायरस और रिकेट्सिया। ...और पढ़ें

इंसेफेलाइटिस के तीन और कारणों की खोज (Image Source: AI-Generated)

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गजाधर द्विवेदी, गोरखपुर। इंसेफेलाइटिस जैसे गंभीर रोग के कारणों को लेकर विज्ञानियों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की शाखा क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के विज्ञानियों ने इस बीमारी के तीन नए कारणों की पहचान की है।
अब तक स्क्रब टायफस, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, लैप्टोस्पायरा और जापानी इंसेफेलाइटिस को ही इस बीमारी का प्रमुख कारण माना जाता था। इन्हीं के आधार पर मरीजों की जांच होती थी। अब साइटोमिगैलो, हर्पीज सिंपलैक्स वायरस और रिकेट्सिया भी इसके कारणों के रूप में सामने आए हैं। इस अध्ययन को लंदन के जर्नल आफ इंफेक्शियस डिजीज में फरवरी में प्रकाशित किया गया है।

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स्टडी ने सुलझाई दिमागी बुखार की गुत्थी
अध्ययन के लिए वर्ष 2022 और 2023 में ऐसे मरीजों के 557 नमूनों को चुना गया, जिनमें तेज बुखार सहित इंसेफेलाइटिस के लक्षण थे, लेकिन एलाइजा विधि से जांच में वे निगेटिव पाए गए थे। इन नमूनों की आरटी- पीसीआर (रीयल टाइम - पालीमर चेन रिएक्शन) तकनीक से जांच की गई। 34 नमूनों में साइटोमिगैलो वायरस, पांच नमूनों में हर्पीज सिंपलैक्स वायरस और 12 नमूनों में रिकेट्सिया संक्रमण पाया गया । इससे यह स्पष्ट हुआ कि ये तीनों भी इंसेफेलाइटिस के कारण हो सकते हैं।
यह भी सामने आया कि आरटी- पीसीआर तकनीक, एलाइजा जांच की तुलना में अधिक सटीक और संवेदनशील है । जिन नमूनों में एलाइजा जांच में संक्रमण नहीं मिला था, उनमें से 41 नमूनों में आरटी-पीसीआर जांच के जरिये स्क्रब टायफस की भी पुष्टि हुई। यह जांच नेशनल सेंटर फार वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल, 2022 में स्थापित जेई - एईएस एपेक्स लैब में की गई।
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विशेषज्ञों की राय
इंसेफेलाइटिस के कारणों को समझने के लिए लगातार शोध और अध्ययन किए जा रहे हैं। इस अध्ययन में उन नमूनों को भी शामिल किया गया, जो पारंपरिक जांच में निगेटिव पाए गए थे। आरटी-पीसीआर तकनीक से जांच करने पर तीन नए कारण सामने आए हैं। इससे बीमारी के सही निदान में काफी मदद मिलेगी।
- डॉ. हरिशंकर जोशी, निदेशक, आरएमआरसी
इंसेफेलाइटिस के मामलों में एलाइजा जांच की अपेक्षा आरटी-पीसीआर जांच अधिक सटीक व संवेदनशील साबित हुई है। जांच के दौरान साइटोमिगैलो वायरस और हरपीज सिंपलैक्स वायरस जैसे संक्रमण भी सामने आए। नई तकनीक के उपयोग से मरीजों का उपचार और अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है।
- डॉ. राजीव सिंह, वायरोलाजिस्ट, आरएमआरसी
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