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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Benefits of Bhujangasana: पाना चाहते हैं कब्ज की समस्या से निजात, तो रोजाना करें भुजंगासन

    By Pravin KumarEdited By:
    Updated: Thu, 08 Dec 2022 04:15 PM (IST)

    Benefits of Bhujangasana यह आसन हिंदी के दो शब्दों भुजंग और आसन से मिलकर बना है। भुजंग संस्कृत का शब्द है। इसका अर्थ सांप है। आसान शब्दों में कहें तो ...और पढ़ें

    Benefits of Bhujangasana: पाना चाहते हैं कब्ज की समस्या से निजात, तो रोजाना करें भुजंगासन
    Benefits of Bhujangasana: पाना चाहते हैं कब्ज की समस्या से निजात, तो रोजाना करें भुजंगासन

    दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Benefits of Bhujangasana: गलत खानपान, भोजन में फाइबर की कमी और खराब दिनचर्या की वजह से कब्ज आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक कब्ज से पीड़ित रहने पर पाइल्स का भी खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए कब्ज होने पर लापरवाही बिल्कुल न बरतें। सबसे पहले पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। इसके बाद भोजन में फाइबर युक्त फल और सब्जियों को शामिल करें। इसके अलावा, जंक फूड्स से परहेज करें। वहीं, रोजाना एक्सरसाइज और योग जरूर करें। योग करने से भी कब्ज में बहुत जल्द आराम मिल सकता है। योग के कई आसन हैं। इनमें एक भुजंगासन है। इस योग को करने से कब्ज में राहत मिलता है। आइए, इस योग के बारे में सबकुछ जानते हैं-

    क्या है भुजंगासन ?

    अंग्रेजी में भुजंगासन को कोबरा पोज कहा जाता है। यह आसन हिंदी के दो शब्दों भुजंग और आसन से मिलकर बना है। भुजंग संस्कृत का शब्द है। इसका अर्थ सांप है। आसान शब्दों में कहें तो सांप की मुद्रा में आकर योग करना भुजंगासन कहलाता है। इसमें सांप की मुद्रा में आकर अपने धड़ को आगे की दिशा में उठाकर रखना होता है। योग एक्सपर्ट्स का कहना है कि भुजंगासन को हमेशा सूर्योदय के समय करना उत्तम होता है। इस योग को करने से पेट पर बल पड़ता है। साथ ही खिंचाव पैदा होता है। इससे कब्ज की समस्या में आराम मिलता है। इसके अलावा, पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।

    कैसे करें भुजंगासन ?

    भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले समतल जमीन पर मैट बिछा लें। अब सूर्य की दिशा में मुखकर पेट के बल लेट जाएं और थोड़ी देर आराम करें। इसके बाद शरीर के अगले हिस्से को उठाएं। इस अवस्था में धड़ को आगे की दिशा में उठाकर रखना होता है। इस मुद्रा में अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार रहें। फिर पहली अवस्था में आ जाएं। इस योग को करने से कब्ज की समस्या से निजात मिलता है।  

    डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

    Pic credit- ps_yogasana

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