यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Heart Problems: इन वजहों से पुरुषों के मुकाबले महिलाएं होती है हार्ट प्रॉब्लम्स का ज्यादा शिकार
हार्ट प्रॉब्लम दुनियाभर में होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है लेकिन क्या आप जानते हैं हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा पुरुषों से ज्यादा ...और पढ़ें

HighLights
- तनाव, जरूरत से ज्यादा काम और लगातार सेहत को इग्नोर करना बन सकता है महिलाओं में हार्ट प्रॉब्लम्स की वजह।
- थकान, सांस लेने में परेशानी, पीठ या जबड़े में दर्द हो सकते हैं महिलाओं में हार्ट प्रॉब्लम्स के लक्षण।
- डाइट और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव से रख सकती हैं हार्ट को हेल्दी।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हृदय रोग (कार्डियोवस्कुलर डिजीज) महिलाओं में होने वाली मृत्यु की एक प्रमुख वजह बनता जा रहा है। खराब लाइफस्टाइल और डाइट को हार्ट प्रॉब्लम्स का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जाता है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए इन दोनों चीजों पर ध्यान दे पाना मुश्किल होता है जिस वजह से उनमें हृदय रोग की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन आपको बता दें कि ग्रामीण महिलाओं में भी इसका खतरा कुछ खास कम नहीं है।
हृदय रोग के कई कारण हैं, जिनमें उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, शराब का सेवन, अनहेल्दी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी न के बराबर और मानसिक तनाव प्रमुख हैं।
महिलाओं में बढ़ते हार्ट प्रॉब्लम्स की वजह
डॉ. सुखबिंदर सिंह सीबिया, कार्डियोलॉजिस्ट और डायरेक्टर, सीबिया मेडिकल सेंटर, लुधियाना का कहना है कि, 'महिलाओं में हृदय रोग के बढ़ते मामलों की एक बहुत बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियों का बोझ उठाना है। जो स्ट्रेस बढ़ाने का काम करता है। परिवार और ऑफिस के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश में वो अपनी सेहत को इग्नोर करती रहती हैं। बढ़ती उम्र में सेहतमंद रहने के लिए खानपान पर ध्यान देने के साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप्स भी कराते रहना जरूरी है। इससे कई बीमारियों का समय रहते पता चल जाता है और जरूरी उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है।'

हृदय रोग के लक्षण
महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग हो सकते हैं, जैसे कि सीने में दर्द की बजाय थकान, सांस लेने में परेशानी, पीठ या जबड़े में दर्द। जिसे आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस वजह से भी कई बार हृदय रोगों का समय रहते पता नहीं चल पाता।

हृदय रोग से बचाव के उपाय
खानपान पर दें ध्यान
महिलाओं में हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। डाइट में मौसमी फल व सब्जियो के साथ साबुत अनाज और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें। इसके साथ सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, सोडियम और शुगरी प्रोडक्ट्स का सेवन कम करके बैड कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंंट्रोल में रखा जा सकता है और दिल की बीमारियों से बचे रहा जा सकता है।
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फिजिकल एक्टिविटी है जरूरी
दूसरा महत्वपूर्ण कदम नियमित फिजिकल एक्टिविटी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। वॉकिंग, जॉगिंग, साइकिल चलाना, कार्डियो हार्ट को हेल्दी रखने में मददगार होते हैं। वर्कआउट करने से वजन कंट्रोल में रहता है। इससे हार्ट प्रॉब्लम्स के साथ डायबिटीज का भी खतरा कम हो जाता है।
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धूम्रपान से कर लें तौबा
धूम्रपान और शराब के सेवन को नियंत्रित करना भी बहुत जरूरी है। धूम्रपान की लत छोड़कर आप हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसके अलावा, शराब का भी सेवन सीमित मात्रा में करें, अत्यधिक शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और इससे हृदय रोग का जोखिम भी।
स्ट्रेस से रहें दूर
महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि तनाव और अवसाद हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। नियमित योग, ध्यान और पर्याप्त नींद मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
नियमित रूप से हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग भी हृदय रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें और डॉक्टर के निर्देशानुसार दवाओं का सेवन करें।
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