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    अक्सर रहता है गर्दन और पीठ में दर्द? न्यूरोसर्जन से समझें कैसे स्क्रीन टाइम है इसका असली गुनहगार

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 08:03 PM (IST)

    न्यूरोसर्जन डॉ. अमिताभ गोयल ने बताया कि बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम दिमाग और शरीर, खासकर रीढ़ की हड्डी के लिए हानिकारक है। ...और पढ़ें

    दिमाग और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही स्क्रीन (Picture Credit- AI Generated)

    दिमाग और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही स्क्रीन (Picture Credit- AI Generated)

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    समय कम है?

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों लोगों का ज्यादातर समय स्क्रीन के सामने बीतने लगा है। ऑफिस का काम हो या कॉलेज का असाइमेंट्स, बड़े से लेकर बच्चे, तक आजकल हर कोई स्क्रीन के सामने ही बैठा रहता है।

    हालांकि, लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी की स्क्रीन देखने से हमारे दिमाग और शरीर (खासकर रीढ़ की हड्डी) पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इस बारे में ज्यादा जानने के लिए हमने बात की मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज में न्यूरोसर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अमिताभ गोयल से।

    क्यों हानिकारक है स्क्रीन

    डॉक्टर ने बताया कि स्क्रीन के सामने लगातार समय बिताने से किसी भी काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है, स्क्रीन की ब्लू लाइट के कारण नींद खराब होती है और दिमागी थकावट बढ़ जाती है। इसके अलावा, गलत तरीके से बैठने की वजह से गर्दन और पीठ में लगातार दर्द रहने लगता है और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं

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    (Picture Credit- AI Generated)

    दिमाग पर क्या असर होता है?

    • सोचने-समझने की क्षमता पर असर: बहुत ज्यादा स्क्रीन देखने से दिमाग थका हुआ महसूस करता है। इससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और किसी भी जानकारी को समझने में दिमाग ज्यादा समय लेने लगता है।
    • ध्यान भटकना और चिड़चिड़ापन: स्क्रीन पर बार-बार चीजें बदलने (स्क्रॉल करने) से दिमाग पर जोर पड़ता है। इससे किसी एक काम पर फोकस करना मुश्किल हो जाता है और इंसान के अंदर जल्दबाजी व चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है।
    • नींद की कमी: स्क्रीन्स से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे शरीर में नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन को बनने से रोक देती है। इससे रात को नींद देर से आती है, नींद कच्ची रहती है और दिन भर थकान बनी रहती है।
    • स्वभाव में बदलाव: ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से लोगों, खासकर बच्चों में, तनाव, घबराहट और गुस्सा ज्यादा देखने को मिलता है। वे अपनी भावनाओं पर सही से काबू नहीं रख पाते।

    शरीर और रीढ़ की हड्डी पर असर

    • गर्दन का दर्द (टेक नेक): मोबाइल या लैपटॉप देखते समय लगातार नीचे की तरफ झुके रहने से गर्दन की हड्डियों पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे गर्दन में दर्द और जकड़न होने लगती है।
    • मांसपेशियों और कमर पर जोर: गलत तरीके से बैठने पर कंधे आगे की तरफ झुक जाते हैं और कमर पर जोर पड़ता है। आगे चलकर यह एक गंभीर और लंबे समय तक रहने वाले पीठ दर्द का कारण बन सकता है।
    • हड्डियों की कमजोरी: स्क्रीन के सामने लगातार एक ही जगह बैठे रहने से हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है। इससे कम उम्र में ही हड्डियों में फैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।
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    इन तरीकों से करें बचाव 

    • हर 20 मिनट के बाद स्क्रीन से अपनी नजर हटाएं और कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी चीज को 20 सेकंड तक लगातार देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।
    • लगातार काम न करें। हर 45 मिनट के बाद 5 मिनट का छोटा सा ब्रेक लें, थोड़ा चलें-फिरें और शरीर को स्ट्रेच करें।
    • स्क्रीन को बिल्कुल अपनी आंखों के सामने (आई-लेवल पर) रखें ताकि आपको गर्दन न झुकानी पड़े। ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें जिसमें हाथों को टिकाने की जगह हो और हमेशा कमर सीधी करके बैठें।
    • शरीर और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है। हालांकि, बिना किसी ट्रेनर के भारी जिम वर्क आउट करने से बचें।
    • सोने से कुछ समय पहले मोबाइल या टीवी बिल्कुल बंद कर दें। खाली समय में स्क्रीन देखने की बजाय बाहर खेलें या ऐसी एक्टिविटीज करें, जिनमें शारीरिक मेहनत लगती हो।

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