यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिर्फ 40 मिनट की वॉक बना सकती है आपके दिमाग को तेज, बढ़ती उम्र में भी नहीं होगी भूलने की बीमारी!
क्या आप जानते हैं कि वॉक करने से आपके दिमाग का साइज बढ़ सकता है (Walking Benefits for Brain)। जी हां, एक स्टडी में यह बात साबित भी हुई है कि सिर्फ 40 ...और पढ़ें

दिमाग के लिए फायदेमंद है वॉकिंग (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
एक स्टडी में पता चला है कि वॉक करने से दिमाग का साइज बढ़ता है
वॉकिंग बढ़ती उम्र में डिमेंशिया के खतरे को कम करता है
वॉक करने से सेहत को और भी कई फायदे मिलते हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हेल्थ का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, खासकर दिमागी सेहत का। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कमजोर होने लगती है और भूलने की बीमारी, जैसे- डिमेंशिया या अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन एक नई स्टडी में कुछ ऐसा पता चला है, जो आपके दिमाग को तेज बनाने और भूलने की बीमारियों से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकती है (Walking Can Increase Brain Size)। दरअसल, इस स्टडी के मुताबिक रोजाना सिर्फ 40 मिनट की वॉक आपके दिमाग को तेज बना सकती है और याददाश्त को मजबूत रखने में मदद कर सकती है। आइए जानें कैसे।
वॉकिंग से दिमाग का आकार बढ़ता है
PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences) में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार, नियमित रूप से 40 मिनट की वॉक करने से हिप्पोकैम्पस (दिमाग का वह हिस्सा जो याददाश्त के लिए जिम्मेदार है) का आकार बढ़ सकता है। यह स्टडी 55 से 80 साल के लोगों पर की गई, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया।
पहला ग्रुप नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और टोनिंग एक्सरसाइज करने वाला था, तो वहीं दूसरा ग्रुप कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज, खासकर 40 मिनट की वॉकिंग हफ्ते में कम से कम तीन दिन करता था। इन दोनों ग्रुप के पार्टिसिपेंट्स के एमआरआई स्कैन में पाया गया कि वॉक करने वाले ग्रुप के हिप्पोकैम्पस का आकार औसतन 2% बढ़ गया, जबकि आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ यह सिकुड़ता है। इससे साबित होता है कि नियमित वॉकिंग न केवल याददाश्त को बनाए रखती है, बल्कि दिमाग को और भी तेज बना सकती है।
वॉकिंग करने के और क्या फायदे हैं?
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है- वॉकिंग से शरीर में ऑक्सीजन और ब्लड फ्लो को बढ़ता है, जिससे दिमाग के सेल्स ज्यादा एक्टिव होते हैं।
- स्ट्रेस कम होता है- स्ट्रेस और एंग्जायटी याददाश्त को कमजोर करते हैं, लेकिन वॉकिंग एंडोर्फिन हार्मोन को बढ़ाकर मूड को बेहतर बनाती है।
- नींद की क्वालिटी सुधरती है- अच्छी नींद याददाश्त को मजबूत करने के लिए जरूरी है, और वॉकिंग से नींद अच्छी आती है।
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वॉक करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- तेज चलें- धीमी चाल से ज्यादा फायदा नहीं होता, इसलिए थोड़ी तेज स्पीड से चलें।
- नियमित वॉक करें- हफ्ते में कम से कम 3-4 बार 30-40 मिनट वॉक जरूर करें।
- प्रकृति के बीच चलें- पार्क या हरी-भरी जगहों पर वॉक करने से दिमाग को ज्यादा शांति और ऑक्सीजन मिलती है।
- साथ में मेडिटेशन या योग- वॉक के बाद कुछ मिनट मेडिटेशन करने से मेंटल हेल्थ और बेहतर होती है।