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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PCOS Awareness Month: पीसीओएस के लक्षण को कम कर सकती है कीटो डाइट, स्टडी में हुआ खुलासा

    By Jagran NewsEdited By: Saloni Upadhyay
    Updated: Fri, 08 Sep 2023 05:18 PM (IST)

    PCOS Awareness Month पीसीओएस एक हार्मोनल डिसऑर्डर है जिससे महिलाओं को मां बनने में दिकक्त आती है। यह समस्या लगभग 18 से 44 वर्ष की महिलाओं को होती है। ...और पढ़ें

    PCOS Awareness Month: पीसीओएस में फॉलो करें कीटो डाइट
    PCOS Awareness Month: पीसीओएस में फॉलो करें कीटो डाइट

    HighLights

    1. कीटो डाइट में कार्ब्स का सेवन नहीं करते हैं।
    2. पीसीओएस की समस्या में कीटो डाइट काफी फायदेमंद होती है।
    3. पीसीओएस में महिलाओं को खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। PCOS Awareness Month: पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवर सिंड्रोम एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जिससे महिलाओं की सेहत प्रभावित होती है। पीसीओएस की समस्या में पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं, इसके कारण प्रेग्नेंसी में दिक्कत आती है। कई बार पीसीओएस गंभीर होने पर चेहरे पर भी बाल आने लगते हैं। इतना ही नहीं इस स्थिति में  डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

    अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, बालों का झड़ना, मुंहासे आदि पीसीओएस के लक्षण हो सकते हैं। पीसीओएस किी समस्या में महिलाओं को मां बनने में काफी दिक्कत आती है। ऐसे में जरूरी है आप अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखें। आज आपको एक ऐसी डाइट के बारे में बताएंगे, जिसे फॉलो करने से पीसीओएस का लक्षण कम हो सकते हैं।

    एक नई स्टडी के अनुसार, पीसीओएस वाली महिलाओं के लिए कीटो डाइट काफी फायदेमंद है। इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

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    मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के एक रिसर्च के अनुसार, जिन महिलाओं ने 45 दिनों तक लो फैट डाइट को फॉलो किया, शरीर में हार्मोनल के लेवल में सुधार हुआ।

    जर्नल ऑफ एंडोक्राइन में प्रकाशित एक रिसर्च में बताया गया है कि पीसीओएस से पीड़ित कुछ महिलाओं ने कीटो डाइट को फॉलो किया जिससे हार्मोन के स्तर में सुधार हुआ। इससे फर्टिलिटी बढ़ने में भी मदद मिली। इसके अलावा महिलाओं का वजन भी कम हुआ।

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    शोधकर्ताओं ने इन महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी कम देखा। दरअसल, इस रिसर्च में पीसीओएस से पीड़ित 170 महिलाओं ने भाग लिया था। इस डाइट को फॉलो करने के बाद उनके हार्मोंन और वजन में सुधार हुआ।

    कीटो डाइट में हम कार्ब्स का सेवन नहीं करते हैं, जिसकी वजह से हमारी बॉडी को एनर्जी के लिए शरीर में मौजूद फैट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। इस स्टेज को कीटोसिस कहते हैं। इससे बॉडी में फैट्स खत्म होते हैं और आप वजन घटा लेते हैं।

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    पीसीओएस की समस्या में कीटो डाइट काफी लाभदायक है। इससे पीरियड्स को नियमित करने में मदद मिलती है। इस डाइट से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार होता है। इसके अलावा आप डायबिटीज और मोटापे के खतरा को कम कर सकते हैं।

    मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के इस रिसर्च से जुड़े लेखक कर्णिज़ा खालिद ने कहा कि "हमने पीसीओएस वाली महिलाओं में केटोजेनिक आहार और प्रजनन हार्मोन के स्तर में सुधार के बीच एक संबंध पाया है, जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।"

    उन्होंने आगे कहा कि पीसीओएस के उपचार के अलावा एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ और डायटीशियन को पीसीओएस वाली महिलाओं के खानपान के लिए डाइट प्लान बनानी चाहिए।

    Pic Credit: Freepik