यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hormonal Imbalance: हार्मोन असंतुलन की वजह से हो सकती हैं कई बीमारियां, जानें किन लक्षणों से करें इसकी पहचान
हमारे शरीर के लगभग सभी कार्यों को करने के लिए हार्मोन्स की मदद से उन तक सिग्नल्स पहुंचाए जाते हैं। इसलिए इन हार्मोन्स में गड़बड़ी का वजह से शरीर में क ...और पढ़ें

HighLights
- हार्मोन्स हमारी बॉडी पार्ट्स को केमिकल मैसेज पहुंचाते हैं।
- इनमें असंतुलन की वजह से कई बीमारियां हो सकती हैं।
- नींद न आना, वजन बढ़ना, एक्ने आदि इसके लक्षण हो सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Hormonal Imbalance: हार्मोन्स हमारे शरीर के केमिकल मैसेंजर होते हैं, जो शरीर के हर ऑर्गन तक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं। इनकी मदद से शरीर के अंगों तक यह सिग्नल पहुंचता है कि कब और कैसे काम करना है। इसलिए हार्मोन्स का हमारे शरीर में संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है। अगर इनमें असंतुलन आ जाता है, तो कई बीमारियां और सेहत से जुड़ी परेशानियों को झेलना पड़ सकता है।
हार्मोन्स की मात्रा कम या ज्यादा होने की वजह से हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या हो सकती है। इस कारण से आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे- इंफर्टिलिटी, एक्ने, डायबिटीज, थायरॉइड, अनियमित माहवारी, पीसीओडी आदि। हालांकि, हार्मोन असंतुलन होने पर शरीर में कई ऐसे लक्षण नजर आने लगते हैं, जिनकी मदद से इसकी पहचान की जा सकती है। आइए जानते हैं, हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से शरीर में क्या-क्या लक्षण नजर आ सकते हैं।
एक्ने
शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ने की वजह से एक्ने की समस्या हो सकती है। इस वजह से, त्वचा में मौजूद ऑयल ग्लैंड्स की वजह से स्किन के पोर्स क्लॉग हो जाते हैं। क्लॉग पोर्स में बैक्टिरीया का इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, जिस कारण से एक्ने होने लगते हैं।
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बालों का झड़ना
हार्मोन्स में बदलाव की वजह से, कई बार बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। यह खासकर,टेस्टोस्टेरोन के लेवल में बदलाव आने की वजह से होती है। यह समस्या आमतौर पर, बर्थ कंट्रोल पिल लेने, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान होती है।
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वजन बढ़ना या कम होना
हमारे शरीर के कई हार्मोन्स ऐसे होते हैं, जिनका प्रभाव हमारे मेटाबॉलिज्म पर होता है। थायरॉइड हार्मोन, कोर्टिसोल, एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन्स के असंतुलित होने की वजह से, कई बार हमारा वजन बढ़ने लगता है। अधिक वजन बढ़ना, आपके लिए चिंता का विषय बन सकता है। इसी तरह हार्मोन्स में बदलाव की वजह से, आपका मेटाबॉलिज्म अधिक तेज भी हो सकता है, जो वजन कम होने की वजह बन सकता है।
भूख अधिक लगना या कम लगना
हमारे हार्मोन्स हमारे भूख को भी कंट्रोल करते हैं। लेप्टिन और घ्रेलिन हार्मोन्स में बदलाव की वजह से अधिक भूख लगने या कम भूख लगने की समस्या हो सकती है। वजन कम या अधिक होने के पीछें यह भी एक कारण हो सकता है।
नींद न आना
हमारी नींद को भी हमारे हार्मोन्स कंट्रोल करते हैं। इनमें असंतुलन की वजह से कई बार रात को नींद न आना या अच्छी नींद न आने की परेशानी हो सकती है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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