यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weak Heart Signs: दिल कमजोर होने पर नजर आते हैं ये लक्षण, समय रहते बरतें सावधानी
Weak Heart Signs आजकल बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण लोग कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इन्ही बीमारियों में शामिल है दिल से जुड़ी बीम ...और पढ़ें

HighLights
- दिल के कमजोर होने का एक और कॉमन संकेत है दिल की धड़कन का अनियमित होना।
- कुछ लोगों का दिल कमजोर होने पर उनकी दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
- दिल के कमजोर होने पर सांस लेने में भी परेशानी आती है।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Weak Heart Signs: दुनियाभर में दिल की बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा हैं। हालात इतने बुरे हैं कि 30-40 साल के उम्र के लोगों को भी हार्टअटैक आने लगा है। दिल की बीमारियां आए दिन बढ़ती ही जा रही है। खराब लाइफस्टाइल, खानपान, शारीरिक एक्टिविटी का कम होना इसके कारण हैं। एक उम्र के बाद दिल भी धीरे-धीरे कमजोर होता चला जाता है, इसलिए जरूरी है कि दिल की सेहत का ध्यान रखा जाएं और हेल्दी फाइफस्टाइल को अपनाया जाए।
जब हमारा दिल कमजोर होने लगता है, तो शरीर में कुछ बदलाव होते हैं। कुछ लक्षण भी नजर आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हार्ट वॉल्व का ठोस होना
एक उम्र के बाद हार्ट की वॉल्व भी मोटी और स्टिफ होने लग जाती है जिससे हार्ट से मरमर जैसी आवाज का आना आम बात है, ये ज्यादा बूढ़े लोगों में सुनाई देती है।
सांस लेने में परेशानी
दिल के कमजोर होने पर सांस लेने में परेशानी आती है। इस दौरान आपको छाती में दबाव महसूस होता है। दरअसल हार्ट मसल्स में ब्लड की सप्लाई बाधित होती है और सांस लेने में कठनाई होती है।
हार्ट का फूलना
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हार्ट में कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक हो जाती है। ऐसे में हार्ट की नसें ब्लॉक हो जाती है।
अनियमित धड़कन
दिल के कमजोर होने का एक और कॉमन संकेत है दिल की धड़कन का अनियमित होना। उम्र के साथ दिल की कमजोर होता जाता है औऱ इसकी नर्वस और सेल्स भी कमजोर होने लगती है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित होती है।
हाई ब्लड प्रेशर
दिल कमजोर होने पर ब्लड प्रेशर ज्यादा हाई रहता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने पर, हार्ट अटैक की संभावना रहती है।
दिल की धड़कन तेज होना
कुछ लोगों का दिल कमजोर होने पर उनकी दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाना आपको जान के जोखिम से बचा सकता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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