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    टोंड बॉडी का नया सीक्रेट! क्या है रिफॉर्म पिलाटे, जो शरीर को बना देता है स्लिम और स्ट्रॉन्ग

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Thu, 13 Nov 2025 05:29 PM (IST)

    रिफॉर्मर पिलाटे एक लेटेस्ट वर्जन है ट्रेडिशनल पिलाटे का, जिसे एक खास मशीन 'रिफॉर्मर' की मदद से किया जाता है। यह तकनीक शरीर की मांसपेशियों पर नियंत्रित ...और पढ़ें

    रिफॉर्मर पिलाटे से कैसे पाएं आकर्षक शरीर (Picture Credit- AI Generated)

    रिफॉर्मर पिलाटे से कैसे पाएं आकर्षक शरीर (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. रिफॉर्मर पिलाटे फिटनेस का एक मॉर्डन तरीका है

    2. यह निचले शरीर को टोन करने में मददगार है

    3. यह मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फिटनेस की दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रही एक तकनीक है, रिफॉर्मर पिलाटे। ये ट्रेडिशनल पिलाटे का एक मॉडर्न और एडवांस रूप है, जिसमें एक खास मशीन 'रिफॉर्मर' की मदद से पूरे शरीर की एक्सरसाइज की जाती है।

    खास बात यह है कि यह तकनीक शरीर के निचले हिस्से,जैसे हिप्स, थाईज और लेग्स,को टोन करने और बेहतर शेप देने में बेहद असरदार मानी जाती है। आइए जानें कि रिफॉर्मर पिलाटे क्या है, यह कैसे काम करता है और निचले शरीर को आकार देने में इसकी भूमिका क्या है?

    क्या है रिफॉर्मर पिलाटे?

    रिफॉर्मर पिलाटे एक विशेष मशीन पर की जाने वाली एक्सरसाइज है, जिसे पिलेट्स रिफॉर्मर कहते हैं। इसमें एक स्लाइडिंग प्लेटफॉर्म होता है, जिसे स्प्रिंग्स, पुली और बार्स से जोड़ा गया होता है। व्यक्ति इस प्लेटफॉर्म पर लेटकर, बैठकर या खड़े होकर एक्सरसाइज करता है। यह तकनीक शरीर की मांसपेशियों पर नियंत्रित दबाव डालती है, जिससे ताकत, संतुलन और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।

    शरीर के निचले हिस्से को कैसे आकार देता है?

    • ग्लूट्स (हिप्स) को टोन करता है- रिफॉर्मर पिलाटे में कई ऐसे मूवमेंट्स होते हैं जो सीधे बट और हिप्स को टारगेट करते हैं। इससे इन हिस्सों की मांसपेशियां टाइट और फर्म बनती हैं, जो शरीर को अट्रैक्टिव शेप देती हैं।
    • थाईज को स्लिम बनाता है- लेग प्रेस, साइड किक्स और आउटसाइड थाई वर्क जैसे अभ्यास थाई एरिया पर काम करते हैं। नियमित अभ्यास से थाईज पतली और टोंड हो जाती हैं।
    • लेग्स को स्ट्रॉन्ग और शेप्ड बनाता है- रिफॉर्मर पिलाटे में की जाने वाली किकिंग और पुशिंग मूवमेंट्स, पिंडलियों और जांघों की मसल्स को मजबूती देती हैं, जिससे टांगों की शेप सुधरती है और स्ट्रेंथ बढ़ती है।
    • लोअर बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार- यह एक्सरसाइज मांसपेशियों को न सिर्फ मजबूत करती है, बल्कि उन्हें लचीला भी बनाती है, जिससे शरीर में हल्कापन और फुर्ती आती है।
    • कोर स्ट्रेंथ और बैलेंस- रिफॉर्मर पिलाटे हर मूवमेंट में कोर को एक्टिव रखता है, जिससे शरीर का संतुलन सुधरता है और कमर व पेल्विक एरिया को बेहतर शेप मिलती है।

    रिफॉर्मर पिलाटे न सिर्फ शरीर को फिट बनाता है, बल्कि खासतौर पर निचले हिस्से को टोन कर एक सुंदर और संतुलित शेप देता है। यह लो-इम्पैक्ट लेकिन हाई-रिजल्ट्स देने वाली तकनीक है जो किसी भी फिटनेस लेवल के व्यक्ति के लिए उपयुक्त है। नियमित अभ्यास से यह तकनीक शरीर को ताकतवर, लचीला और आकर्षक बना सकती है।

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