हेडफोन यूज करने वाले सावधान! कहीं हेडफोन न बढ़ा दे बहरेपन का खतरा, तुरंत बदलें ये आदतें
कान के अंदर का एक नाजुक हिस्सा होता है जो एक बार खराब हुआ तो कभी ठीक नहीं हो सकता। ...और पढ़ें

सुनने की क्षमता कमजोर होने के कारण (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप ऐसा मानते हैं कि सुनने की क्षमता बढ़ती उम्र के साथ घटती है या रॉकेट लॉन्च जैसी तेज आवाजें इसे कम कर देती हैं? अगर हां तो जान लें कि इसके अलावा भी हमारी रोजमर्रा की बहुत सी आदतें हैं जो कानों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसमें अच्छी बात यह है कि हम कुछ सावधानियां बरतकर अपने कानों की सुरक्षा कर सकते हैं।
सुनने की क्षमता कैसे करती हैं काम?
कान यानी ईयरड्रम के पीछे और अंदर के हिस्से में एक तरल पदार्थ से भरी संरचना होती है, जिसे कॉक्लिया कहते हैं। इसी की अंदर की सतह पर बाल जैसी सेल्स होती हैं और उसमें भी बेहद नाजुक से रेशे होते हैं। एक बार अगर ये रेशे नष्ट हो जाएं तो इसे दोबारा से ठीक नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस बारे में रिसर्च की जा रही है कि कैसे इन्हें दोबारा बनाया जा सकता है।
सुनने की क्षमता कमजोर होने के कारण
ऐसा नहीं है कि बढ़ती उम्र ही सुनने की क्षमता को कमजोर करे, इसके पीछे कई रोजमर्रा की आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं:
तेज आवाज में संगीत सुनना
कान में सेंसरी सेल्स होते हैं जो सुनने में मदद करते हैं लेकिन जब कान लंबे समय तक तेज संगीत के संपर्क में आते हैं तो इससे सेंसरी सेल्स थक जाते हैं। इससे टेम्पररी हियरिंग लॉस यानी टिनिटस की स्थिति पैदा होती है। इसमें कान में घंटी और सीटी बजना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। जानने वाली बात यह है कि सेंसरी सेल्स के रिपेयर होने के बाद यह समस्या चली जाती है।
इसके अलावा, शोर के कारण तुरंत भी बहरापन हो सकता है, जैसे कि अचानक से तेज आवाज के संपर्क में आना। अक्सर लोग इसे अनदेखा करते देते हैं लेकिन समय के साथ सुनने की क्षमता कमजोर होती चली जाती है।
हेडफोन से नुकसान
तेज आवाजें हेडफोन के जरिए सुनने से भी बहरापन हो सकता है। इस बारे में रिसर्च का अनुमान है कि 35 से कम उम्र के करीब 1.5 अरब लोग जो हेडफोन या इयरफोन में लाउड म्यूजिक सुनते हैं, उनके सुनने की क्षमता खतरे में है।
कानों की सुरक्षा कैसे करें?
हेडफोन और इयरफोन की वॉल्यूम 60% से ज्यादा न करें।
नॉइज कैन्सेलेशन हेडफोन इस्तेमाल करें।
ऐसे एप्स डाउनलोड करें जो वॉल्यूम लिमिट को मॉनिटर करें।
तेज आवाज में संगीत कम से कम सुनें।
ऐसे वातावरण में जानें से बचें जहां ज्यादा शोर या आवाजें आने का खतरा है।
किसी प्रोग्राम या कॉन्सर्ट में स्पीकर से दूरी बनाकर रखें।
