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    ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए जरूरी है मैग्नीशियम, इन तरीकों से करें डाइट में शामिल

    Updated: Wed, 27 Aug 2025 11:20 AM (IST)

    मैग्नीशियम सेहत के लिए काफी जरूरी होता है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने (Magnesium for Blood Sugar) में भी काफी मदद ...और पढ़ें

    मैग्नीशियम की कमी से बचना क्यों जरूरी है? (Picture Courtesy: Freepik)
    मैग्नीशियम की कमी से बचना क्यों जरूरी है? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है
    2. यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में भी सहायक है
    3. कुछ फूड्स की मदद से मैग्नीशियम की कमी से बचा जा सकता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में डायबिटीज एक आम बीमारी बन गई है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट की वजह से इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बड़ी ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना होता है। ब्लड शुगर को नियंत्रण (Blood Sugar Control) में रखने के लिए दवाओं के साथ-साथ सही डाइट का होना भी उतना ही जरूरी है।

    हालांकि, अक्सर लोग इस बात ध्यान नहीं देते हैं कि मैग्नीशियम (Magnesium to Control Blood Sugar) भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए काफी जरूरी है। जी हां, मैग्नीशियम ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद कर सकता है। आइए जानें कैसे मैग्नीशियम इसमें मददगार है और इसकी कमी पूरी करने के लिए डाइट में किन-किन चीजों को शामिल करना चाहिए।

    मैग्नीशियम और ब्लड शुगर का कनेक्शन क्या है?

    • इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है- मैग्नीशियम बॉडी सेल्स को इंसुलिन के लिए सेंसिटिव बनाता है। जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो सेल्स में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि ग्लूकोज सेल्स में प्रवेश नहीं कर पाता और खून में ही जमा होता रहता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
    • ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में मददगार- यह इंसुलिन के सीक्रेशन में मदद करके ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है।
    • सूजन कम करता है- मैग्नीशियम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो डायबिटीज से जुड़ी पुरानी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    मैग्नीशियम की कमी के लक्षण

    • थकान और कमजोरी
    • मांसपेशियों में ऐंठन या कंपन
    • अनियमित हृदय गति
    • चिड़चिड़ापन

    मैग्नीशियम को अपनी डाइट में कैसे शामिल करें?

    हरी पत्तेदार सब्जियां-

    • पालक, केल, मेथी, सरसों का साग, और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां मैग्नीशियम का बेहतरीन सोर्स हैं।

    नट्स और सीड्स-

    • एक मुट्ठी बादाम या काजू न केवल हेल्दी स्नैक्स हैं, बल्कि मैग्नीशियम की रोज की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं।
    • कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं।
    • तिल की गजक, तिल की चिक्की, या खाने में तिल का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।

    साबुत अनाज-

    खबरें और भी

    • राजगीरा और कुट्टू ग्लूटेन-फ्री होते हैं और इनमें मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनसे बने आटे की रोटी या पराठे बनाए जा सकते हैं।
    • नाश्ते में ओट्स का दलिया बनाकर खाना एक बेहतरीन विकल्प है।
    • सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस और जौ का इस्तेमाल करें।

    दालें और फलियां-

    • काले चने, राजमा, मूंग दाल, और सोयाबीन जैसी दालें और फलियां न केवल प्रोटीन का, बल्कि मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स हैं।

    डार्क चॉकलेट-

    • अगर आपको मीठा पसंद है तो यह आपके लिए अच्छी खबर है। 70% या उससे ज्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम से भरपूर होती है। एक-दो छोटे टुकड़े काफी हैं।

    केला और एवोकाडो-

    • केला सिर्फ पोटैशियम ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स है। इसी तरह एवोकाडो भी एक पौष्टिक फल है जिसमें मैग्नीशियम पाया जाता है।

    फैटी फिश-

    • सालमन और मैकेरल जैसी मछलियों में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ-साथ मैग्नीशियम भी होता है।

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    Source: 

    NIH: https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6356710/