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    40 की उम्र से पहले पीरियड्स बंद होना है खतरे की घंटी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का 40% बढ़ जाता है रिस्क

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 06:00 PM (IST)

    40 की उम्र से पहले मेनोपॉज होना महिलाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क काफी बढ़ा देता है। ...और पढ़ें

    समय से पहले मेनोपॉज बढ़ा रहा हार्ट अटैक का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

    समय से पहले मेनोपॉज बढ़ा रहा हार्ट अटैक का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. 40 से पहले मेनोपॉज से 40% बढ़ता हार्ट अटैक खतरा

    2. भारतीय महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज की दर अधिक

    3. एस्ट्रोजेन की कमी दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाती है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनमें से एक है मेनोपॉज। आमतौर पर यह 45-50 साल की उम्र के बीच होता है, जिसमें पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। यह बिल्कुल सामान्य है और हर महिला के साथ होता है। 

    हालांकि, कई महिलाओं में 40 की उम्र क पहले भी मेनोपॉज हो जाता है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लांसेट में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक, 40 की उम्र से पहले मेनोपॉज होने की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 40% तक बढ़ जाता है। आइए जानें ऐसा क्यों होता है? 

    क्या कहती है यह रिसर्च?

    इस रिसर्च में 26 देशों की एक लाख से ज्यादा महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि जिन महिलाओं को 40 से 44 साल की उम्र के बीच मेनोपॉज हुआ, उनमें दूसरी महिलाओं की तुलना में दिल की बीमारियों का खतरा 30-40% तक ज्यादा देखा गया। 

    भारतीय महिलाओं के लिए क्यों हैं ज्यादा चिंता की बात?

    इस स्टडी में भारतीय महिलाओं को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके मुताबिक, लगभग 43.6% महिलाओं को समय से पहले मेनोपॉज का सामना करना पड़ा। भारत में महिलाओं में मेनोपॉज की औसत उम्र 44.6 साल है, जबकि दुनिया में महिलाओं में मेनोपॉज की औसत उम्र 47.4 साल देखी गई। इस कारण अर्ली मेनोपॉज की समस्या भारतीय महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता है।  

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    दिल की सेहत और मेनोपॉज का क्या है कनेक्शन?

    इस स्टडी के बीच एक सबसे कॉमन सवाल मन में आता है कि आखिर मेनोपॉज का दिल से क्या लेना देना है? दरअसल, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन मेनोपॉज से पहले दिल और ब्लड वेसल्स को सुरक्षित रखने में मदद करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाज शरीर में इस हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इस वजह से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक और दूसरी दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 

    समय रहते बचाव

    हालांकि, इस रिसर्च के नतीजे काफी डराने वाले हैं, लेकिन अगर कुछ सावधानियों को ध्यान में रखा जाए, तो दिल की बीमारियों का खतरा पहचानने में काफी मदद मिल सकती। महिलाओं के मेनोपॉज की हिस्ट्री का रिकॉर्ड रखना, उसके हार्ट डिजीज के रिस्क के बारे में काफी कुछ बता सकती है। 



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