पारा 42 के पार! चिलचिलाती धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये सामान और इन लक्षणों से रहें सावधान
दिल्ली और आस-पास के इलाकों का पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया है। खुद को लू से सुरक्षित रखने के लिए सावधानी जरूरी है।

क्या आपकी 'हीटवेव इमरजेंसी किट' तैयार है? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में गर्मी अपने प्रचंड रूप में आ चुकी है। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 42.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1°C ज्यादा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा-
- दिल्ली- 42.8°C
- नोएडा- 41.1°C
- गुरुग्राम- 41.0°C
- गाजियाबाद- 40.8°C
इसी के साथ दिल्ली-एनसीआर में हीटवेव का अलर्ट जारी हो गया है। तेज गर्मी में लू से बचना सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन जाता है। आइए जानें लू लगने के लक्षण कैसे होते हैं, बचाव के लिए क्या करना चाहिए और आपकी इमरजेंसी किट में क्या-क्या होना जरूरी है।
आखिर हीटवेव या लू क्या है?
IMD के अनुसार, किसी क्षेत्र में हीटवेव की स्थिति तब मानी जाती है जब वहां का अधिकतम तापमान 40°C से ऊपर हो और वह सामान्य तापमान से कम से कम 4.5°C ज्यादा हो। इसके अलावा, अगर किसी भी जगह पर तापमान 45°C को पार कर जाता है, तो उसे भी हीटवेव घोषित किया जाता है।
सेहत पर असर और लक्षण
भीषण गर्मी केवल परेशानी ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं-
- शरीर में पानी की कमी
- मांसपेशियों में ऐंठन
- हीट स्ट्रोक या लू लगना
बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें?
अगर आप या आपके आसपास कोई लू के लक्षणों से प्रभावित महसूस करे, तो तुरंत ये कदम उठाएं-
- प्रभावित व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार या ठंडे स्थान पर ले जाएं।
- पानी या ओआरएस के घोल से खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- शराब, कैफीन और वातित कोल्ड ड्रिंक्स बिल्कुल न पिएं।
- चेहरे पर गीला कपड़ा रखें और बेहतर वेंटिलेशन के लिए कपड़ों को ढीला कर दें।
आपकी 'इमरजेंसी किट' में क्या हो?
गर्मी के इस मौसम में घर से बाहर निकलते समय अपने पास ये चीजें जरूर रखें-
- पानी की बोतल और छाता या टोपी।
- छोटा तौलिया और हाथ वाला पंखा।
- इलेक्ट्रोलाइट, ग्लूकोज या ओआरएस का पैकेट।
अस्पतालों की तैयारी
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने गर्मी से निपटने के लिए इमरजेंसी रूम में एक हीटवेव क्लिनिक फिर से शुरू किया है। इस हीटस्ट्रोक रूम में मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जैसे-
- सिरेमिक इमर्शन टब और इन्फ्लेटेबल कूलिंग टब।
- 250 किलोग्राम क्षमता वाला बर्फ बनाने वाला रेफ्रिजरेटर।
- रेक्टल थर्मामीटर, आइस बॉक्स और वेंटिलेटर सपोर्ट वाले बेड।
यह स्पेशल यूनिट मई 2024 में शुरू की गई थी, जो दिल्ली के शुरुआती समर्पित हीटवेव क्लीनिकों में से एक है। हीटस्ट्रोक की स्थिति में शरीर खुद को ठंडा रखने की प्राकृतिक क्षमता खो देता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में मरीज को कूलिंग थेरेपी देना जरूरी है।
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