मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन बिगाड़ रही है आपकी रीढ़ का ढांचा, कहीं आप भी तो नहीं 'टेक नेक' के शिकार?
लंबे समय तक गलत पोश्चर में फोन चलाने की आदत या घंटों सिर झुकाकर टैबलेट या लैपटाप पर काम करने की विवशता आपको टेक नेक यानी गर्दन में खिंचाव और दर्द की स ...और पढ़ें

फोन तो नहीं आपकी गर्दन दर्द की वजह? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मोबाइल या टेबलैट देखते समय या लैपटॉप पर काम करते समय सही पोश्चर क्या होना चाहिए? अक्सर इस बात को लेकर लोग सचेत नहीं रह पाते। कोई जरूरी काम निपटाने या निरंतर आ रहे नोटिफिकेशन के कारण मोबाइल का प्रयोग कितने घंटे कर लिए, इसका भी ध्यान नहीं रह पाता।
यह बात आपको जितनी सरल लग रही है दरअसल, यही आने वाले दिनों में आपको दे सकती है टेकनेक का जोखिम। इसी तरह लैपटॉप को कभी गोद में रखकर तो कभी बिस्तर पर लेटकर काम कर रहे हैं तो यह आदत भी बदल लेनी चाहिए।
बता दें कि यह एक सामान्य आदत है, पर इससे न केवल गर्दन में दर्द, बल्कि आपकी रीढ़ के स्वाभाविक ढांचे में भी बदलाव आ सकता है। उचित सावधानी नहीं बरतने पर आगे चलकर यह सर्वाइकल डिस्क जैसी गंभीर समस्या का भी कारण बन सकता है।
क्या है टेकनेक?
गर्दन में दर्द इन दिनों ज्यादातर कामकाजी वर्ग ही नहीं, सामान्य लोगों के लिए भी समस्या बन रही है। बता दें कि जितना अधिक आप अपनी गर्दन को उसकी सामान्य स्थिति जहां आपके कान व कंधे एक सीध में होते हैं, उससे एक इंच भी अधिक रखते हैं तो इससे सिर का भार बढ़ जाता है।
खबरें और भी
जब गर्दन आगे की ओर झुकती है जिसे नेक फ्लेक्शन कहा जाता है तो उससे गर्दन पर भार बढ़ने लगता है। इस गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को कम करने के लिए गर्दन की मांसपेशियों को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे केवल गर्दन ही नहीं कंधा, कलाई के साथ आंखों की तकलीफ भी बढ़ जाती है।
आंखों व हाथों की समस्या
लगातार फोन देखने से आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) की समस्या आम हो गई है। दरअसल, अपलक यानी बिना ब्रेक के स्क्रीन देखने से आंखों की स्वाभाविक नमी सूखने लगती है। इसकी मांसपेशियां थकने लगती हैं और नजर भी धुंधली हो सकती हैं।
इसी तरह, फोन का लगातार प्रयोग उंगलियों व कलाई में दर्द पैदा कर सकता है। फोन को लगातार एक ही मुद्रा में पकड़े रहने से हाथों की नसों पर भी दबाव पड़ता है व हाथों के साथ कलाइयों में भी कमजोरी महसूस होने लगती है।
ये उपाय अपनाएं
फोन या किसी भी डिवाइस को देखते समय अपने गर्दन को झुकाने के बजाय उसे आंखों के स्तर पर लाएं। इस दौरान आपकी बाहों, कंधों कलाई पर तनाव हो सकता है।
- कंप्यूटर स्क्रीन और मानिटर के लिए, उन्हें आंखों के स्तर से थोड़ा नीचे रखने की कोशिश करें।
- हर 10-15 मिनट में थोड़ा समय निकालकर सीधे बैठने का प्रयास करें।
- दफ्तर या घर पर लंबे समय तक काम के दौरान अपने शरीर को स्ट्रेच करें या अपनी बैठने की स्थिति बदलें।
- अपने फोन या टैबलेट को आंखों के स्तर पर रखने के लिए फोन स्टैंड, लैपटॉप स्टैंड आदि का प्रयोग बेहतर है।
काम की हैं ये कसरत
- गर्दन को दाएं-बाएं व ऊपर-नीचे की ओर घुमाएं।
- कंधों को ऊपर-नीचे करके स्ट्रेच करें।
- गर्दन को पीछे की ओर हल्का खीचें ताकि ठोढ़ी छाती के निकट आए।
कब मिलें चिकित्सक से?
- बाहों में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो
- दैनिक गतिविधियां या नींद में बाधा आ रही है।
टेक नेक के लक्षण
- गर्दन में दर्द या अकड़न
- कंधे में जकड़न महसूस होना
- पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द
- सिर के निचले हिस्से में दर्द
- हाथों या बाजुओं में झुनझुनी
बिगड़ रहा रीढ़ का ढांचा
इंसान का शरीर सीधा देखने के लिए बना है लेकिन बीते दशकों में यह अपनी स्वाभाविक ढांचा के विरुद्ध पोश्चर है तो इसका सबसे बड़ा कारण तकनीक पर निर्भरता है। बता दें कि यदि गर्दन को सीधा कर मोबाइल फोन का प्रयोग करते हैं तो इससे गर्दन पर कम से कम पांच किग्रा का दबाव पड़ता है।
गर्दन को थोड़ा झुकाकर 15 डिग्री रखें तो इससे 12 किग्रा का दबाव और वहीं यदि यह 45 डिग्री झुकता है तो इस पर लगभग 22 किग्रा व इससे भी अधिक यानी 60 डिग्री तक झुक जाए तो 27 किग्रा का दबाव गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर पड़ता है। यही कारण है कि इन दिनों रीढ़ का ढांचा तेजी से बिगड़ रहा है।
समस्या की जड़ का करें निदान
इन दिनों जितने भी गर्दन के मरीज आ रहे हैं उनमें तकरीबन 90 प्रतिशत टेकनेक की समस्या से जूझ रहे हैं। आप दिनभर सात से आठ घंटे दफ्तर में गुजारने के बाद कई घंटे फोन या दूसरे तकनीकी साधनों पर निर्भर हो गए हैं, लेकिन यही आपकी रीढ़ की मांसपेशियों पर भारी दबाव डालकर उसमें कई प्रकार समस्याएं पैदा कर रहा है। दवा लेकर आप दर्द को कुछ समय के लिए ठीक कर सकते हैं, पर यह स्थायी हल नहीं है। इसके कारण आगे की ओर झुके कंधे या पीठ का स्वरूप सीधी न होकर गोलाकार होने की समस्या देखी जा सकती है। साथ ही हाथ में दर्द, आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। लोग कहते हैं हम लैपटॉप या फोन के बिना कुछ नहीं कर सकते। यह उनकी मजबूरी है तो ऐसा नहीं है कि आपको इनका प्रयोग करना बंद कर देना है, पर सही पोश्चर से समझौता व जीवनशैली में कसरत व सही खानपान की अनदेखी न करें तो आप जो कुछ कर रहे हैं उसका परिणाम बेहतर होगा और टेकनेक की समस्या से भी दूर रहेंगे।
डॉ. सुभाष जांगिड़, वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टटीटयूट, गुरुग्राम
फोन बॉडी मार्क्स को पहचानें
टेकनेक तकनीक पर बढ़ती निर्भरता के कारण गर्दन के साथ दूसरे अंगों पर दुष्प्रभाव का एक चिकित्सकीय टर्म है, पर वास्तव में आपका फोन या जो गैजेट आप लगातार प्रयोग कर रहे हैं वह आपको दूसरी समस्याएं भी दे रहा है।
- कार्पल टनल- यह फोन को लगातार पकड़े रहने से कलाई के नसों पर दबाव के कारण पनपने वाली समस्या है। इससे आपकी उंगलियों में दर्द रह सकता है। इससे बचने के लिए अपनी कलाइ को सीधी रखें और कलाई को टेबल या तकिए की सहायता से ऐसे पकड़ें ताकि फोन आपके आंखों की सीध में रहे।
- पिंकी स्ट्रेन- अगर आपकी उंगलियां गुलाबी रंग में दिखने लगती हैं तो यह भी फोन को निरंतर पकड़े रहने के कारण हो सकता है। इसे पिंकी स्ट्रेन कहा जाता है। इससे बचाव लिए आपा फोन रिंग या स्ट्रैप का प्रयोग कर सकते हैं ताकि कलाई पर फोन का पूरा भार न पड़े।
- थंब टिंडिनाइटिस- यह फोन पर लगातार वीडियो गेम खेलने या टेक्स्ट करते रहने आदि के कारण होने वाली समस्या हे। बेहतर होगा आप वाइस टेक्स्ट जैसे उपाय अपनाएं।
यह भी पढ़ें- दिनभर स्क्रीन देखने से अकड़ गई है गर्दन? दर्द से राहत पाने के लिए रोज करें ये असरदार योगासन