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    दिनभर स्क्रीन देखने से अकड़ गई है गर्दन? दर्द से राहत पाने के लिए रोज करें ये असरदार योगासन

    By Meenakshi NaiduEdited By: Swati Sharma
    Updated: Mon, 27 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    मॉडर्न लाइफस्टाइल में मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन दर्द और अकड़न आम समस्या बन गई है। ...और पढ़ें

    गर्दन के दर्द से हैं परेशान? (Picture Courtesy: Freepik)

    गर्दन के दर्द से हैं परेशान? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप पर काम करना, गलत पोश्चर में बैठना और तनाव लेना गर्दन दर्द व अकड़न का एक बहुत बड़ा कारण बन गया है। इसके कारण सर्वाइकल पेन, स्टिफनेस और सिरदर्द जैसी प्रॉब्लम्स आम हो चुकी हैं। 

    ऐसे में योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है, जो मसल्स को रिलैक्स करता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और तनाव कम करता है। नियमित रूप से योगासन करने से गर्दन की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और दर्द से स्थायी राहत भी  मिलती है। आइए जानते हैं गर्दन के दर्द और अकड़न से छुटकारा पाने के लिए कुछ असरदार योगासन और उनके फायदों के बारे में।

    गर्दन का दर्द दूर करेंगे ये योगासन

    • ग्रीवा संचलन- सीधे बैठकर धीरे-धीरे गर्दन को लेफ्ट-राइट और आगे-पीछे घुमाएं। इससे जमी हुई मांसपेशियां खुलती हैं, ब्लड फ्लो बढ़ता है और अकड़न कम होती है। ऑफिस में बैठे-बैठे भी इसे किया जा सकता है।
    • भुजंगासन- पेट के बल लेटकर हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर उठाएं। यह गर्दन, कंधे और रीढ़ की मसल्स को मजबूत बनाता है और सर्वाइकल दर्द में राहत देता है।
    • मार्जरी- बिटिलासन- घुटनों के बल बैठकर रीढ़ को ऊपर-नीचे मूव करें। इससे गर्दन व रीढ़ में फ्लेक्सिबिलिटी आती है और स्ट्रेस धीरे-धीरे कम होता है।
    • सेतु बंधासन- पीठ के बल लेटकर कमर उठाएं और गर्दन को रिलैक्स रखें।यह गर्दन में ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और मेंटल प्रेशर को घटाता है।
    • बालासन- घुटनों के बल बैठकर सिर जमीन पर टिकाएं। यह आसन गर्दन, कंधे और पीठ की थकान को दूर करता है और मन को शांत करता है।
    • गोमुखासन- इस आसन में कंधे और गर्दन की मसल्स का अच्छा स्ट्रेच होता है, जिससे जकड़न कम होती है और पोश्चर सुधरता है।
    • ताड़ासन- सीधे खड़े होकर शरीर को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें। यह रीढ़ को सीधा रखता है, गर्दन पर दबाव कम करता है और बैलेंस सुधारता है।
    • अर्ध मत्स्येन्द्रासन- रीढ़ को ट्विस्ट करने से गर्दन और कंधों की मसल्स में लचीलापन बढ़ता है और ब्लॉकेज दूर होती है।
    • शवासन- पूरे शरीर को ढीला छोड़कर गहरी सांस लें।यह मेंटल स्ट्रेस मानसिक, सिरदर्द और गर्दन की थकान को कम करता है।
    • प्राणायाम- सही सांस लेने से ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है, नसों को शांति मिलती है और स्ट्रेस से राहत मिलती है, जिससे गर्दन दर्द भी कम होता है।

    अगर आप रोजाना 20-30 मिनट इन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो गर्दन दर्द, जकड़न और तनाव से काफी राहत मिल सकती है। साथ ही सही पोश्चर में बैठें, सही मात्रा में पानी पिएं, स्क्रीन ब्रेक लें और हल्की स्ट्रेचिंग को भी अपने रूटीन में शामिल करें।



    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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