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    दिनभर कुर्सी पर बैठकर अकड़ गए हैं कूल्हे और कमर? राहत पाने के लिए आज से ही शुरू करें ये योगासन

    By Meenakshi NaiduEdited By: Swati Sharma
    Updated: Sat, 11 Jul 2026 04:30 PM (IST)

    आजकल की जीवनशैली में लंबे समय तक बैठने से कूल्हों में दर्द और जकड़न आम है, जिससे कमर दर्द भी हो सकता है। नियमित योगासन से कूल्हों की मांसपेशियों को लच ...और पढ़ें

    लगातार बैठकर काम करने से कूल्हों में आ गई है जकड़न? (Picture Courtesy: Freepik)

    लगातार बैठकर काम करने से कूल्हों में आ गई है जकड़न? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की लाइफस्टाइल में हमें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है, फिजिकल एक्टिविटीज काफी कम हो गई हैं और गलत पोस्चर की वजह से कूल्हों में दर्द और जकड़न की समस्या काफी आम हो गई है। इससे कमर दर्द, घुटनों में खिंचाव और चलने-फिरने में परेशानी भी हो सकती है। 

    हालांकि, नियमित रूप से कूल्हों की मांसपेशियों को एक्टिव और फ्लेक्सिबल बनाए रखने में मदद मिलती है। इसेस ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है और शरीर की जकड़न भी दूर हो जाती है। अगर आपको भी कूल्हों में अकड़न महसूस होती है, तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ योगासन के बारे में, जो कूल्हों को स्ट्रेच करने और मजबूत बनाए रखने में बेहद फायदेमंद हैं।

    कूल्हों की स्ट्रेचिंग के लिए योगासन

    • बद्ध कोणासन- यह आसन जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों को खोलता है। इससे जकड़न कम होती है और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
    • मलासन- यह कूल्हों, टखनों और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है। ये आसन पाचन सुधारने में भी सहायक है।
    • कपोतासन- यह डीप हिप ओपनर है, जो जांघों और ग्लूट्स की जकड़न को दूर करता है। लंबे समय तक बैठने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है।
    • उपविष्ट कोणासन- इससे जांघों के अंदरूनी हिस्से में खिंचाव आता है और कूल्हों की मूवमेंट बेहतर होती है।
    • अर्ध मत्स्येन्द्रासन- यह रीढ़ के साथ-साथ कूल्हों की मांसपेशियों को एक्टिव करता है और शरीर की जकड़न कम करता है।
    • वीरभद्रासन II- यह कूल्हों, जांघों और पैरों को मजबूत बनाता है,साथ ही बैलेंस और स्टैमिना बढ़ाता है।
    • गरुड़ासन- यह हिप जॉइंट्स की मोबिलिटी बढ़ाता है और मसल्स में ब्लड फ्लो सुधारता है।
    • सेतुबंधासन- यह कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है और लंबे समय की थकान को कम करता है।
    • आनंद बालासन- यह कूल्हों को रिलैक्स करता है, तनाव घटाता है और शरीर को आराम देता है।
    • त्रिकोणासन- यह कूल्हों, कमर और पैरों की मसल्स को स्ट्रेच करता है और शरीर की स्थिरता बढ़ाता है।

    सावधानियां 

    • अगर पहले से कमर या घुटनों में दर्द हो तो एक्सपर्ट की सलाह लें। 
    • आसनों को धीरे-धीरे करें और शरीर की क्षमता के अनुसार प्रैक्टिस बढ़ाएं।
    • नियमित योग करके आप अपने कूल्हों को फ्लेक्सिबल, मजबूत और एक्टिव बनाए रख सकते हैं।


    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।