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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Neeraj Chopra ने एडक्टर मसल की चोट के बारे में दी जानकारी, एक्सपर्ट से जानें इस बारे में सबकुछ

    Updated: Sun, 23 Jun 2024 04:41 PM (IST)

    भारतीय जैवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra ने पैरिस ओलंपिक्स के बाद अपने एडक्टर मसल्स से जुड़ी समस्या का इलाज करवाने के बारे में लोगों को सूचित किया। इस खबर ...और पढ़ें

    क्या है एडक्टर मसल स्ट्रेन? (Picture Courtesy: Instagram)
    क्या है एडक्टर मसल स्ट्रेन? (Picture Courtesy: Instagram)

    HighLights

    1. हाल ही में Neeraj Chopra ने अपने एडक्टर मसल स्प्रेन के बारे में सूचना दी।
    2. ये मांसपेशियां जांघों के भीतरी भाग की तरफ होती हैं।
    3. इनमें तनाव आने के कारण चलने-फिरने में भी तकलीफ हो सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Adductor Muscle Strain: जैवलिन थ्रो में अपने नाम का लोहा मनवाने वाले और भारत का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा ने हाल ही में अपने एडक्टर मसल्स से जुड़ी परेशानी के बारे में बताया और कहा कि वे पैरिस ओलंपिक के बाद वह डॉक्टर से इस बारे में बात करेंगे। आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा को मई में चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट से भी अपना नाम वापस ले लिया था। इसी चोट के कारण उनके एडक्टर मांसपेशियों में दिक्कत हो गई है।

    लेकिन यह एडक्टर मांसपेशियां होती क्या हैं और एडक्टर स्ट्रेन के क्या लक्षण होते हैं, जिनसे इसकी पहचान करके, इलाज करवाया जा सकता है। आइए इस बारे में डॉ. (प्रो.) अमित पंकज अग्रवाल (फॉर्टिस शालिमार बाग के ऑर्थोपेडिक और ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के वरिष्ठ निदेशक और विभाग प्रमुख) से बात की। आइए जानें उन्होंने क्या बताया।

    Adductor muscle strain

    (Picture Courtesy: Instagram)

    क्या है एडक्टर मसल?

    डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एडक्टर मांसपेशियां जांघों के भीतरी भाग में मौजूद होते हैं। ये मांसपेशियां पैरों से जुड़ी मूवमेंट के लिए काफी जरूरी होते हैं, जैसे- पैरों को आस-पास लाना, आगे की तरफ उठाना और पेल्विस को संतुलित रखनाजै आदि। इन मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से ग्रोइन पेन या इंजरी का खतरा काफी अधिक रहता है।

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    क्यों रहता है इस चोट का खतरा?

    एडक्टर मांसपेशियों में स्ट्रेन आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हिप की कोई पुरानी चोट, मांसपेशियों में थकान, पैरों की मूवमेंट में कमी या मांसपेशियों को गलत पोजिशन में स्ट्रेच करना।

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    क्या हैं इसके लक्षण?

    इन मांसपेशियों में खिंचाव आने की वजह से उनमें दर्द, सूजन और सीमित मूवमेंट कर पाने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसकी वजह से रोज के जीवन में भी काफी समस्या हो सकती है, क्योंकि चलने-फिरने में इन मांसपेशियों की बेहद अहम भूमिका होती है। एथलीट्स को ज्यादातर इस समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उनके पेशे के लिए उन्हें इन मांसपेशियों पर दबाव डालना पड़ता है या स्ट्रेचिंग करनी पड़ती है।

    एडक्टर मसल स्ट्रेन जैसी समस्या का इलाज करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जो लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे अपने डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करें। इसके शुरुआती इलाज में आराम करना, बर्फ से सिकाई करना और एलिवेशन शामिल हैं। इसके बाद स्ट्रेचिंग और स्ट्रेथ ट्रेनिंग करना जरूरी है, ताकि मांसपेशियों को मजबूती मिल सके। लेकिन इसके बाद इस बात का ख्याल रखें कि पूरी रिकवरी के बाद भी अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में लौटने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में जानकारी ले लें, ताकि दोबारा यह समस्या न हो।

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