हफ्ते में सिर्फ 2 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी से कम हो सकता है Breast Cancer का खतरा, नई स्टडी में खुलासा
आजकल के लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटीज का कम होना एक चिंता का विषय है, लेकिन एक नई स्टडी ने किशोरियों के लिए एक्सरसाइज के महत्व को और बढ़ा दिया है। श ...और पढ़ें

किशोरावस्था में व्यायाम बन सकता है स्तन कैंसर के खिलाफ ढाल (Image Source: AI-Generated)
HighLights
किशोरियों में व्यायाम से स्तन कैंसर का खतरा कम
हफ्ते में सिर्फ दो घंटे की शारीरिक गतिविधि पर्याप्त
कोलंबिया यूनिवर्सिटी का अध्ययन, 'ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च' में प्रकाशित
आइएएनएस, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि किशोरावस्था में अपनाई गई एक छोटी सी आदत भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव कर सकती है? जी हां, एक ताजा अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि जो किशोरियां खेल-कूद और व्यायाम में सक्रिय रहती हैं, वे अनजाने में ही खुद को Breast Cancer के खतरे से सुरक्षित कर रही हैं। यह खबर हर माता-पिता और किशोरी के लिए जानना बेहद जरूरी है।

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क्या कहता है नया अध्ययन?
अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके अनुसार, मनोरंजक व्यायाम (Recreational Exercise) केवल शरीर को फिट ही नहीं रखता, बल्कि यह किशोर लड़कियों में ब्रेस्ट टिश्यूज की संरचना और तनाव के बायोमार्कर्स पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
यह शोध मुख्य रूप से यह दर्शाता है कि शारीरिक गतिविधि का सीधा संबंध स्तन के ऊतकों की बनावट और शरीर में तनाव के स्तर को मापने वाले संकेतों से है।
हफ्ते में 2 घंटे की एक्सरसाइज है बेहद असरदार
इस अध्ययन के निष्कर्ष काफी स्पष्ट हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लड़कियों ने पिछले सप्ताह के दौरान कम से कम दो घंटे मनोरंजक शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया, उनमें सकारात्मक बदलाव देखे गए:
- स्तन ऊतकों में पानी की कमी: व्यायाम करने वाली लड़कियों के स्तन ऊतकों में पानी की मात्रा का प्रतिशत कम पाया गया।
- कम स्तन घनत्व: पानी की कम मात्रा कम स्तन घनत्व (Low Breast Density) का संकेत है, जो कैंसर के जोखिम को कम करता है।
- तनाव में कमी: इन लड़कियों के यूरिनरी बायोमार्कर्स में तनाव का स्तर कम पाया गया।
यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रसिद्ध जर्नल 'ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च' में प्रकाशित किया गया है।
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क्या है विशेषज्ञों की राय?
कोलंबिया मेलमैन स्कूल की सहायक प्रोफेसर रेबेका केहम ने इस शोध की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में युवतियों में स्तन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि किशोरियों में शारीरिक गतिविधियों का स्तर गिरता जा रहा है। ऐसे में यह शोध अत्यंत महत्वपूर्ण और तात्कालिक है।
इस अध्ययन की एक खास बात यह है कि व्यायाम से होने वाले ये फायदे शरीर की चर्बी स्वतंत्र हैं। इसका अर्थ है कि व्यायाम सीधे तौर पर स्तन ऊतकों की संरचना को प्रभावित करता है।
यह अध्ययन उन पुराने शोधों का भी समर्थन करता है जिनमें कहा गया था कि उच्च स्तर की शारीरिक गतिविधि 'मैमोग्राफिक स्तन घनत्व' को कम करती है। चिकित्सकीय रूप से, कम स्तन घनत्व होना स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है।