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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kidney Stone की वजह बन सकता है पान मसाला और प्रदूषित पानी, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    Updated: Sun, 17 Mar 2024 11:00 PM (GMT+05:30)

    गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) से आज बड़े ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोग भी परेशान हैं। पाचन सही न होने से लेकर प्रोसेस्ड फूड्स जैसी कई चीजें इसका कारण ह ...और पढ़ें

    गुर्दे की पथरी को 2 सेमी से ज्यादा बड़ा कर सकता है पान मसाला का सेवन
    गुर्दे की पथरी को 2 सेमी से ज्यादा बड़ा कर सकता है पान मसाला का सेवन

    HighLights

    1. किडनी स्टोन के कई साइज हो सकते हैं, इसमें पेट के नीचले से लेकर मध्यम हिस्से तक में दर्द और ऐंठन महसूस होती है।
    2. लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने गुर्दे की पथरी को लेकर कुछ जानकारियां सामने रखी हैं।
    3. यूरोलॉजी कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि ओपीडी में आने वाले 70 प्रतिशत मरीज, 2 सेमी से बड़ी पथरी से परेशान होते हैं।

    आईएएनएस, लखनऊ। Kidney Stone: भारत में अक्सर किडनी स्टोन के मामले देखने को मिलते हैं। चिंता की बात ये है कि युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। वैसे तो, इसके पीछे प्रोसेस्ड फूड से लेकर कई अन्य वजहें हो सकती है। ऐसे में, हाल ही में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के यूरोलॉजी कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने प्रदूषित पानी और पान मसाले के सेवन को भी गुर्दे की पथरी का कारण बताया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन दो चीजों से किडनी स्टोन 2 सेमी से ज्यादा बड़ा भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि क्या कुछ कहते हैं एक्सपर्ट्स।

    पान मसाला और प्रदूषित पानी से बड़ी होती है पथरी

    लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपुल गोयल ने कहा, कि ओपीडी में आने वाले 70 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जो 2 सेमी से बड़ी पथरी की परेशानी से ग्रसित होते हैं। यह पान मसाला का इस्तेमाल और प्रदूषित पानी पीने से होता है। कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने बताया कि इसके लिए मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर एक नई प्रकिया है, जो रोगियों में उम्मीद जगा रही है।

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    सर्जरी आसान करती है ये तकनीक

    एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के पूर्व संकाय और एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एमएस अग्रवाल ने परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी तकनीक की प्रभावकारिता पर जोर देते हुए कहा, कि सर्जरी आसान हो जाती है, और मरीजों को आमतौर पर एक दिन के अंदर छुट्टी मिल जाती है।

    काइलुरिया का भी रहता है जोखिम

    बीएचयू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर एसएन शंखवार ने कॉन्फ्रेंस में काइलुरिया के गंभीर लक्षणों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ये एक दुर्लभ स्थिति है जिसमें लिम्फेटिक लिक्विड किडनी में लीक हो जाता है और पेशाब को दूध जैसा सफेद बना देता है। यह अक्सर फाइलेरिया का कारण होता है। उन्होंने कहा कि 'लोगों को यह बताने की जरूरत है कि सर्जरी से इसका इलाज संभव है।'

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik