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    लिवर डैमेज का कारण भी बन सकती है पोषण से भरपूर मूंगफली! खाने के शौकीन हैं तो हो जाएं सावधान

    Updated: Wed, 29 Oct 2025 03:19 PM (GMT+05:30)

    मूंगफली एक पौष्टिक नाश्ता है, पर इसमें एफ्लाटॉक्सिन नामक तत्व लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। यह फंगस से बनता है और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाता है। दूषित ...और पढ़ें

    सावधान! मूंगफली बन सकती है लिवर की दुश्मन (Picture Credit- Freepik)

    सावधान! मूंगफली बन सकती है लिवर की दुश्मन (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है

    2. एफ्लाटॉक्सिन लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाता है

    3. सीमित मात्रा में मूंगफली का सेवन सुरक्षित है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मूंगफली एक हेल्दी नट है, जिसे कई लोग अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं। प्रोटीन से भरपूर होने की वजह से कई लोग इसे खाना पसंद करते हैं। साथ ही किफायती होने की वजह से भी कई लोग इसे डाइट में शामिल करते हैं। मूंगफली को अक्सर हार्ट हेल्थ, मेटाबॉलिज्म बैलेंस और पूरी सेहत को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है।

    हालांकि, यह आपके लिवर को डैमेज करने में अहम भूमिका भी निभा सकती है। अगर आप यह सुनकर हैरान हो गए हैं, तो आपको बता दें कि एक स्टडी में इस बारे में खुलासा हुआ है। शोध में मूंगफली खाने और लिवर डैमेज के बीच संबंध देखने को मिला। आइए आपको बताते हैं कैसे मूंगफली कैसे बन सकती है लिवर डैमेज की वजह और कैसे करें इससे अपना बचाव- 

    लिवर के लिए कैसे हानिकारक मूंगफली

    स्टडी में पता चला कि लिवर पर मूंगफली का बुरा प्रभाव एफ्लाटॉक्सिन के कंटेमिनेट होने के कारण होता है, जो गलत तरीके से स्टोरेज या प्रोसेस के दौरान फंगस की वजह से उत्पन्न होता है। एफ्लाटॉक्सिन से दूषित यह मूंगफली लिवर हेल्थ के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती हैं, जिससे समय के साथ लिवर सिरोसिस या कैंसर होने की संभावना होती है। इसलिए इन बुरे परिणामों से बचने के लिए मूंगफली का सही स्टोरेज जरूरी है। 

    एफ्लाटॉक्सिन क्या हैं?

    एफ्लाटॉक्सिन एस्परगिलस फ्लेवस और एस्परगिलस पैरासिटिकस नामक फंगल से पैदा हुआ टॉक्सिन्स हैं, जो गर्म और ह्यूमिड वातावरण में पनपते हैं। मूंगफली और मक्का जैसी अन्य फसलों के कटाई, सुखाने और भंडारण के दौरान दूषित होने का खतरा ज्यादा होता है। खासकर जब नमी का स्तर ज्यादा होता है और वेंटिलेशन खराब होता है, जिससे टॉक्सिन्स के जमाव और फूड बॉर्न डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक इस दूषित भोजन को खाने से लिवर के गंभीर डैमेज, इम्यून सिस्टम के कमजोर होने और यहां तक कि कैंसर होने का खतरा तक बढ़ जाता है। 

    खबरें और भी

    लिवर के लिए कैसे हानिकारक है एफ्लाटॉक्सिन 

    एफ्लाटॉक्सिन को इनटेक से लिवर को गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इसकी वजह से सेल डैमेज, सिरोसिस और संभावित रूप से लिवर कैंसर हो सकता है। समय के साथ, मूंगफली, मक्का और अनाज जैसे दूषित फूड्स को लगातार खाते रहने से लिवर की टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है, जिससे डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस बाधित हो सकती है और लंबे समय बाद लिवर डिजीज विकसित होने का खतरा काफी बढ़ सकता है।

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    नुकसान भी पहुंचाती है मूंगफली

    न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि मूंगफली जैसे मेवों के कई सारे फायदे होते हैं, लेकिन इनमें एफ्लाटॉक्सिन कंटेमिनेशन का खतरा भी ज्यादा होता है, जो लिवर फंक्शनिंग को प्रभावित कर सकता है। बीएमसी फार्माकोलॉजी एंड टॉक्सिकोलॉजी में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि एफ्लाटॉक्सिन के संपर्क में आने से लिवर सिरोसिस का खतरा उन लोगों की तुलना में लगभग 2.5 गुना बढ़ जाता ,जो इसके संपर्क में नहीं आते हैं।

    मूंगफली के अन्य नुकसान

    कंटेमिनेशन के अलावा भी मूंगफली के अन्य कई नुकसान होते हैं। दरअसल, मूंगफली में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है और इसलिए ज्यादा मात्रा में इसे खाने से वजन बढ़ने और लिवर में फैट जमा होने की समस्या हो सकती है, खासकर मेटाबॉलिक सिंड्रोम या खराब आहार संतुलन वाले व्यक्तियों में। हालांकि, सीमित मात्रा में इसे खाने से सेहत को फायदे ही मिलते हैं। 

    सुरक्षित तरीके से ऐसे खाएं मूंगफली

    • ऐसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स से मूंगफली खरीदें, जो एफ्लाटॉक्सिन टेस्ट करते हों और फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा करते हों।
    • मूंगफली को एयरटाइट डिब्बों में गर्मी, धूप और नमी से दूर, सही तरीके से स्टोर करें।
    • फफूंदी लगी या रंगहीन मूंगफली खरीदने से बचें। दिखाई देने वाली थोड़ी-सी भी फफूंदी कंटेमिनेशन का कारण बनती है।
    • हफ्ते में लगभग 30-40 ग्राम तक ही मूंगफली खाएं।
    • मूंगफली के अलावा बादाम, अखरोट या काजू को भी डाइट में शामिल करें।
    • बासी मूंगफली के तेल या किसी भी ऐसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें, जिसकी गंध खराब हो।
    • अगर आपको पहले से ही लिवर की कोई समस्या है, तो नट्स खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
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