दीवाली के बाद दम घोंट रहा है प्रदूषण? फेफड़ों के 'सुरक्षा कवच' बनेंगे ये 5 सुपरफूड्स
दीवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुल चुका है। जाहिर तौर पर यह धुआं हमारे फेफड़ों को अंदर से कमजोर कर सकता है, लेकिन चिंता न करें क्योंकि आपक ...और पढ़ें

प्रदूषण में सांस लेना हुआ मुश्किल? फेफड़ों को डिटॉक्स करने में मदद करेंगे ये 5 सुपरफूड्स (Image Source: Freepik)
HighLights
दीवाली के बाद प्रदूषण का कहर काफी बढ़ जाता है।
ऐसे में, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स खाना बेहद फायदेमंद है।
इन फूड्स को डाइट में शामिल करके आप सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। प्रदूषण के कण जब हमारे शरीर में जाते हैं, तो ये इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं, जिससे सांस की समस्याएं और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में, इन सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपनी इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं और फेफड़ों को एक मजबूत सुरक्षा कवच दे सकते हैं। आइए जानते हैं।

हल्दी और काली मिर्च
हल्दी में करक्यूमिन नामक एक जादुई तत्व होता है। यह एक पावरफुल एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट है। प्रदूषण के कारण फेफड़ों में जो सूजन आती है, करक्यूमिन उसे कम करता है। इसे काली मिर्च के साथ लेने से इसका अवशोषण 2000 गुना बढ़ जाता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- रोजाना रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं (चुटकी भर काली मिर्च जरूर मिलाएं)।
- खाना बनाते समय या दाल में भी थोड़ी काली मिर्च के साथ हल्दी का उपयोग करें।
गुड़
गुड़ एक पुराना और आजमाया हुआ देसी नुस्खा है। यह न सिर्फ फेफड़ों और श्वसन नली को साफ करने में मदद करता है, बल्कि इसमें मौजूद आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स खून में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं। यह शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- खाना खाने के बाद एक छोटा टुकड़ा गुड़ जरूर खाएं।
- सर्दी-खांसी होने पर इसे अदरक के साथ खा सकते हैं।
- चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें।
खट्टे फल और आंवला
खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू और हमारा देसी सुपरफूड आंवला, विटामिन-C का भंडार हैं। विटामिन-C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फेफड़ों की कोशिकाओं को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाता है। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी तुरंत बूस्ट करता है।
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कैसे करें इस्तेमाल?
- रोजाना सुबह खाली पेट आंवला जूस पिएं।
- पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीएं।
- संतरा या मौसमी को डाइट का हिस्सा बनाएं।
अदरक और तुलसी
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन मार्ग की सूजन को कम करते हैं और जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। वहीं, तुलसी को फेफड़ों का डिटॉक्सिफायर माना जाता है। ये दोनों मिलकर फेफड़ों को साफ करने का काम करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
- अदरक-तुलसी की चाय या काढ़ा बनाकर दिन में दो बार पीएं।
- सुबह खाली पेट 2-3 तुलसी के पत्ते चबाएं।
- सब्जी या सूप में अदरक का इस्तेमाल बढ़ाएं।
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां बीटा-कैरोटीन, विटामिन-ई और फोलेट जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ये पोषक तत्व फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और उन्हें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने की शक्ति देते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
- अपने रोज के खाने में पालक या अन्य हरी सब्जियों को शामिल करें।
- ब्रोकली को हल्का स्टीम करके या सलाद के रूप में खाएं।
- हरी सब्जियों का जूस भी पी सकते हैं।
याद रखें कि प्रदूषण से खुद को बचाना सिर्फ इन सुपरफूड्स तक सीमित नहीं है। मास्क पहनना, घर के अंदर रहना और खूब पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। अपनी डाइट को मजबूत करके आप फेफड़ों की इस लड़ाई में उनका साथ दे सकते हैं।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।