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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Postpartum Depression: गंभीर रूप ले सकता है पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन, इन लक्षणों से करें समय रहते इसकी पहचान

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Thu, 15 Jun 2023 05:54 PM (IST)

    Postpartum Depression मां बनना एक महिला के लिए बेहद सुखद अहसास होता है। मां बनते ही जीवन में कई सारे बदलाव और चुनौतियां सामने आती हैं। वहीं कई बार कुछ ...और पढ़ें

    इन लक्षणों से करें महिलाओं में पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन की पहचान
    इन लक्षणों से करें महिलाओं में पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन की पहचान

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Postpartum Depression: पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन (पीपीडी) एक गंभीर बीमारी है, जो प्रसव के बाद महिलाओं को प्रभावित कर सकती है। यह "बेबी ब्लूज" से अलग है, जो महिलाओं और पुरुषों दोनों को प्रभावित करता है, हालांकि यह आमतौर पर महिलाओं से ज्यादा जुड़ा होता है। अगर समय रहते पीपीडी का इलाज न किया जाए तो यह हफ्तों, महीनों या वर्षों तक बना रह सकता है। पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन के कुछ प्रमुख संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

    लगातार उदासी

    ज्यादातर समय उदास, खाली या निराश महसूस करना पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। यह "बेबी ब्लूज़" की अवधि से आगे बढ़ सकता है, जो आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद कुछ दिनों या हफ्तों तक रहता है।

    रुचि या आनंद की कमी

    उन गतिविधियों में रुचि खो देना जो कभी आपको बेहद पसंद थीं, जिसमें बच्चे को शामिल करने वाली गतिविधियां शामिल हैं, जैसे कि खिलाना या खेलना।

    थकान और कम ऊर्जा

    पर्याप्त आराम या नींद लेने के बाद भी अत्यधिक थकान या शारीरिक थकावट का अनुभव करना भी पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है।

    भूख में बदलाव

    खाने की आदतों में महत्वपूर्ण बदलाव, जैसे कि भूख न लगना या अचानक से ज्यादा भूख लगना आदि पीपीडी के लक्षण हो सकते हैं।

    स्लीप पैटर्न में बदलाव

    अगर प्रसव के बाद आपको सोने में कठिनाई हो रही है, तब भी जब बच्चा सो रहा हो या फिर आपको जरूरत से ज्यादा नींद आ रही है, तो यह पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन की तरफ इशारा हो सकता है।

    चिड़चिड़ापन या उत्तेजना

    अगर आप अक्सर बिना किसी कारण के आसानी से उत्तेजित, चिड़चिड़ा या गुस्सा महसूस कर रही हैं, तो यह पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है।

    चिंता और भय

    बच्चे की भलाई, माता-पिता के रूप में व्यक्तिगत क्षमताओं या जीवन के अन्य पहलुओं के बारे में लगातार चिंतित या भय महसूस करना भी पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन की तरफ इशारा हो सकता है।

    बच्चे के साथ बॉन्डिंग बनाने में मुश्किल होना

    अगर आप पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन से पीड़ित हैं, तो आपको बच्चे के साथ एक मजबूत भावनात्मक लगाव बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। साथ ही शिशु के प्रति उदासीन महसूस कर सकती हैं।

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    ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में कठिनाई

    ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने या चीजों को याद रखने में परेशानी होना, जो दैनिक कामकाज को प्रभावित कर सकता है, भी पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन का प्रमुख संकेते हो सकता है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik