यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शरीर में दिख रहे ये लक्षण देते हैं Pre-Diabetes का संकेत, बिल्कुल भी न करें इग्नोर
डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ी एक बीमारी है जिसे लेकर अक्सर लोगों में तरह-तरह की कन्फ्यूजन रहती है। डायबिटीज के बारे में तो आमतौर पर सभी जानते हैं लेकिन ...और पढ़ें

HighLights
- प्री डायबिटीज से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज करने से डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
- डायबिटीज की तरह ही इसे रिवर्स करने के लिए खानपान और रहन-सहन में बदलाव करना बेहद जरूरी है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां और फाइबर रिच फूड्स के सेवन से इसके खतरे को टाला जा सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Pre-Diabetes: आजकल के अनहेल्दी लाइफस्टाइल में लोग जिस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा आ रहे हैं, वह है डायबिटीज। आमतौर पर इसके बारे में कई लोग जानते हैं, लेकिन आज हम आपको प्री-डायबिटीज के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। इस आर्टिकल में आप जान पाएंगे कि कैसे दिखते हैं शरीर में इसके लक्षण और किस तरह कर सकते हैं इससे अपना बचाव। यही नहीं, हम आपको डायबिटीज और प्री डायबिटीज के बीच का फर्क भी आसान शब्दों में समझाएंगे। आइए जानें।

क्या है प्री-डायबिटीज?
प्री-डायबिटीज को डायबिटीज का बॉर्डर लाइन कहा जा सकता है, लेकिन अगर इससे जुड़े लक्षणों को इग्नोर करने की भूल की जाए, तो डायबिटीज का मरीज बनने में भी ज्यादा वक्त नहीं लगता है। प्री-डायबिटीज में आपका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से तो ज्यादा रहता है, लेकिन इतना भी नहीं कि इसे डायबिटीज की श्रेणी में गिना जाए। ऐसे में, इसकी पहचान मुश्किल जरूर है, लेकिन शरीर में दिख रहे इन लक्षणों को अनदेखा करने की भूल आप बिल्कुल भी न करें। आइए जानें।
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प्री-डायबिटीज के लक्षण
- धुंधला दिखाई देना
- ज्यादा भूख लगना
- बार-बार पेशाब
- हाथों-पैरों का सुन्न पड़ना
- बेवजह थकान
- तेजी से वजन कम होना
- चोट ठीक होने में ज्यादा समय लगना
प्री-डायबिटीज और डायबिटीज में अंतर
आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में जहां रहन- सहन और खानपान का पूरा शेड्यूल ही बिगड़ चुका है। ऐसे में, डायबिटीज एक आम बीमारी बन गई है। इसमें शरीर इंसुलिन सही ढंग से काम करना बंद कर देता है और ब्लड शुगर लेवल में इजाफा देखने को मिलता है। बता दें, कि एक ओर जहां डायबिटीज में फास्टिंग प्लाज्मा 126 mg/dl से ज्यादा चला जाता है, तो वहीं प्री-डायबिटीज में यह आंकड़ा 100 से 125 mg/dl तक देखा जाता है। ऐसे में, प्री-डायबिटीज की स्थिति में ही आप अपने लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके खुद को डायबिटीज की गिरफ्त में आने से बचा सकते हैं। अब आइए आपको बताते हैं इसे काबू में करने के तरीके।
प्री-डायबिटीज में क्या करें?
- प्री-डायबिटीज में ही सावधान हो जाने पर आगे चलकर डायबिटीज की बीमारी से बचा जा सकता है। इसके लिए आपको स्मोकिंग से दूर रहना होगा और अगर आपको इसकी आदत है, तो दिमाग में इस बात को बैठा लें, कि यह बेहद नुकसानदायक है।
- खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, फाइबर रिच फ्रूट्स और प्रोटीन के लिए तरह-तरह की दालों को शामिल करके भी आप डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही, आपको शुगरी ड्रिंक्स से परहेज करना होगा।
- योग और एक्सरसाइज का सहारा लेकर भी प्री-डायबिटीज को डायबिटीज में बदलने से रोका जा सकता है। बता दें, फिजिकल एक्टीविटीज को बढ़ा देने से शरीर में न सिर्फ इंसुलिन की फंक्शनिंग इम्प्रूव हो सकती है, बल्कि इससे वजन भी काबू में आ सकता है।
- शरीर में प्री-डायबिटीज से जुड़े लक्षण नजर आने पर पर्याप्त नींद लेना काफी जरूरी है। इससे आप ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रख सकते हैं।
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