यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाइपरयूरिसेमिया का कारण बनता है बढ़ा हुआ Uric Acid, जानें इसके बढ़ने के कारण और इससे बचने के उपाय
तेजी से बदल रही लाइफस्टाइल लोगों को कई समस्याओं का शिकार बनाने लगी है। शरीर में Uric Acid का हाई लेवल इन्हीं समस्याओं में से एक है। यह शरीर में बनने व ...और पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक नेचुरल वेस्ट प्रोडक्ट है, जो प्यूरीन को तोड़ने में मदद करता है। जब ब्लड में यूरिक एसिड घुल जाता है, तब ये किडनी की मदद से यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन अगर किडनी ये एक्स्ट्रा यूरिक एसिड को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती है, तो इससे यूरिक एसिड इकट्ठा होने लगता है। इस स्थिति को हाइपरयूरिसेमिया कहते हैं। जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें-
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यूरिक एसिड बढ़ने के कारण
- धीमा मेटाबोलिज्म
- इनएक्टिव लाइफस्टाइल
- ज्यादा प्रोटीन और कम फैट इनटेक
- सोने उठने का गलत समय
- कम पानी पीना
- किडनी में समस्या
- हैवी डिनर
बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण गाउट, किडनी स्टोन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अच्छी बात यही है कि आप इस बढ़े हुए यूरिक एसिड को नेचुरल तरीके और जीवनशैली में मामूली बदलाव से ठीक कर सकते हैं। ऐसे में यूरिक एसिड कम करने के लिए ये 5 तरीके अपना सकते हैं-
हाई फाइबर युक्त फूड्स खाएं
ऐसे फूड जिनमें फाइबर अधिक मात्रा में पाई जाती है, वे ब्लड में से यूरिक एसिड को सोख लेते हैं और किडनी की मदद से आसानी से बाहर निकाल देते हैं। फल, सब्जी, साबुत अनाज जैसी चीजें फाइबर से भरपूर होती हैं।
प्यूरिन से भरपूर फूड्स से बचें
प्यूरीन नाम के प्रोटीन के टूटने पर यूरिक एसिड का निर्माण होता है। भले ही शरीर में यूरिक एसिड नेचुरल तरीके से मौजूद होता है, कुछ फूड्स जैसे रेड मीट, मशरूम, बेक्ड और फर्मेंट प्रोडक्ट में भी ये पाया जाता है। इनसे शरीर में अधिक मात्रा में यूरिक एसिड जाता है और जब ये उसी अनुपात में बाहर नहीं निकल पाता है, तब हाइपरयूरिसेमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साइडर विनेगर में एसिटिक एसिड पाया जाता है, जो कि शरीर में जाने के बाद अंदर एल्कलाइन हो जाता है। इससे ये माना जाता है कि ये ब्लड सर्कुलेशन और प्यूरिफिकेशन कर यूरिक एसिड के क्रिस्टल को तोड़ कर इन्हें दोबारा बनने से रोकता है, जिसके कारण जोड़ों में सूजन कम होती है और बढ़े हुए यूरिक एसिड के लक्षण में कमी पाई जाती है।
हाई शुगर डाइट से परहेज करें
हाई शुगर डाइट, खास तौर से फ्रक्टोज ब्लड में यूरिक एसिड के लेवल को बढ़ाता है। ये इंसुलिन रेजिस्टेंस भी करता है, जिसके कारण यूरीन से निकलने वाले यूरिक एसिड की मात्रा में कमी हो जाती है और ये शरीर में एकत्रित होने लगता है। ऐसे में बिस्किट, केक, ब्रेड, फ्रूट जूस जैसे शुगर लोडेड प्रोडक्ट खाने से बचें।
मोरिंगा पाउडर
सहजन की पत्तियों को पीस कर इसका पाउडर बना लें और प्रतिदिन ब्रेकफास्ट के पहले गुनगुने पानी से इसका सेवन करें। मोरिंगा में मौजूद एल्कलॉयड और फ्लेवोनॉयड यूरिक एसिड को बनने से रोकता है, पेन रिलीवर का काम करता है और हाइपरयूरिसेमिया के लक्षणों से राहत दिलाता है।