Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बाहर से नहीं, घर से शुरू हो रही बच्चों में तंबाकू की लत; माता-पिता और पड़ोसी बन रहे रोल मॉडल

    Updated: Sun, 31 May 2026 10:46 AM (IST)

    एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों में तंबाकू की लत कहीं बाहर से नहीं, बल्कि घर से ही शुरू होती है। ...और पढ़ें

    बच्चों में घर से होती है तंबाकू की लत की शुरुआत (Picture Courtesy: Freepik)

    बच्चों में घर से होती है तंबाकू की लत की शुरुआत (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि बच्चों में तंबाकू की लत अक्सर घर की चारदीवारी से ही शुरू होती है? जब बच्चे अपने बड़ों को रोजाना स्मोक करते या तंबाकू चबाते देखते हैं, तो उनके मासूम मन पर इसका गहरा असर पड़ता है। 

    हाल ही में सलाम बॉम्बे NGO के एक सर्वे में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि बच्चों के लिए तंबाकू की शुरुआत बाहर से नहीं, बल्कि उनके अपने घरों से हो रही है। यह रिपोर्ट न सिर्फ बेहद चिंताजनक है, बल्कि हमारे लिए समय रहते सचेत हो जाने की चेतावनी भी है। आइए जानते हैं कि क्या कहती है यह रिपोर्ट।

    घर-घर में पैर पसारती तंबाकू की लत

    मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे के 12 से 14 साल के 1,632 किशोरों के बीच किए गए सर्वे में पता चला है कि तंबाकू हमारे घरों और पड़ोस में इस कदर घुल मिल गया है कि बच्चे इसे रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा मानने लगे हैं।

    इस सर्वे में शामिल बच्चों ने अपने आस-पास कुल 3,380 तंबाकू उपयोगकर्ताओं की पहचान की। इसका सीधा मतलब यह है कि औसतन हर बच्चा अपने जीवन में कम से कम दो तंबाकू खाने वाले लोगों के सीधे संपर्क में है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आंकड़े भी यहीं बताते हैं, जिसके अनुसार महाराष्ट्र में 15 साल से ऊपर की 30% से ज्यादा आबादी किसी न किसी रूप में तंबाकू के संपर्क में है।

    खबरें और भी

    रिश्तेदार और पड़ोसी ही बन रहे हैं रोल मॉडल

    सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के आसपास जो लोग तंबाकू चबाते हैं, उनमें से 21% लोग उनके अपने घर के सदस्य हैं। चिंता की बात यह भी है कि हर पांच में से एक पिता किसी न किसी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल करता है।  वहीं 31% लोग उनके नजदीकी रिश्तेदार हैं, जो आसपास ही रहते हैं और 48% ऐसे पड़ोसी हैं, जिन्हें बच्चे रोजाना देखते हैं या मिलते हैं। 

    जब बच्चे अपने ही माता-पिता या अपने बड़ों को लगातार तंबाकू का इस्तेमाल करते देखते हैं, तो वे इसे हानिकारक न मानकर नॉर्मल समझ लेते हैं। यह उनके मन में यह धारणा बना देता है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, जो आगे चलकर भविष्य में उनकी खुद की लत का कारण बन सकता है।

    Tobacco addiction kids

    (AI Generated Image)

    धुएं से ज्यादा बिना धुएं वाले तंबाकू का बोलबाला

    इस सर्वे में एक और बड़ी बात सामने आई है कि लोग सिगरेट या बीड़ी के मुकाबले बिना धुएं वाले तंबाक का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इस सर्वे के मुताबिक 68% लोग कच्चे तंबाकू, गुटखा, मिश्री, खैनी और पान मसाला जैसे उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं और 21% लोग धुएं वाले तंबाकू, जैसे बीड़ी या सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं। वहीं 8% लोग ऐसे हैं जो चबाने वाले और धूम्रपान वाले, दोनों ही तरह के तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं।

    Tobacco Addiction

    (AI Generated Image)

    ओरल कैंसर का बढ़ता खतरा

    तंबाकू की यह नॉर्मल होती आदत इसलिए और भी ज्यादा डरावनी है, क्योंकि भारत दुनिया में ओरल कैंसर के मामले काफी बढ़ रहे हैं। देश में हर साल ओरल कैंसर के लगभग 77,000 नए मामले सामने आते हैं और 52,000 मौतें होती हैं। इन मौतों और मामलों के पीछे तंबाकू सबसे बड़ी वजह है।