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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rheumatoid Arthritis: बुढ़ापा नहीं है रूमेटाइड अर्थराइटिस की वजह, बल्कि इन चीज़ों से होती है ये समस्या

    Updated: Thu, 11 Jan 2024 10:47 AM (IST)

    Rheumatoid Arthritis रूमेटाइड अर्थराइटिस ज्वॉइंट्स से जुड़ी एक ऐसी प्रॉब्लम है जो किसी भी उम्र में हो सकती है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इसका ज्यादा ...और पढ़ें

    Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस की वजहें और लक्षण
    Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस की वजहें और लक्षण

    HighLights

    1. क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या?
    2. महिलाओं को क्यों प्रभावित करती है रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या?
    3. रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Rheumatoid Arthritis: रूमेटाइड अर्थराइटिस ज्वॉइंट्स से जुड़ी एक ऑटो इम्यून बीमारी है। ऑटो इम्यून बीमारी में शरीर अपने इम्यून सिस्टम और शरीर के हेल्दी सेल्स पर हमला करने लगती है। जिसके चलते शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है और वो कई सारी बीमारियों का शिकार होते जाता है। 

    गठिया जहां बढ़ती उम्र में होने वाली समस्या है, वहीं रूमेटाइड अर्थराइटिस किसी भी उम्र में हो सकता है, जितना जल्द इसके लक्षणों की पहचान कर इलाज करा लिया जाए उतना अच्छा होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस बीमारी का ज्यादा शिकार होती हैं। 15 से 45 साल के मतलब रिप्रोडक्टिव एज में इसके होने की संभावना ज्यादा होती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस से सिर्फ ज्वॉइंट्स ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि स्किन, आंख, फेफड़ों, हार्ट और ब्लड वेसेल्स पर भी इस समस्या का असर देखने को मिलता है। चलने-फिरने में तकलीफ के साथ हड्डी टूटने का भी खतरा बना रहता है।

    इन वजहों से बढ़ सकता रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा

    ऐसे कई कारक हैं, जो रूमेटाइड अर्थराइटिस होने के खतरे को बढ़ा सकते हैं। आइए जान लेते हैं इसके बारे में..

    लिंग - रूमेटाइड अर्थराइटिस का शिकार महिलाओं ज्यादा होती हैं, क्योंकि इस बीमारी के होने के पीछे हार्मोनल बदलाव भी जिम्मेदार होते हैं, जिस वजह से ये महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है। 

    धूम्रपान - बहुत ज्यादा सिगरेट, शराब के सेवन से सिर्फ कैंसर का ही खतरा नहीं बढ़ता, बल्कि ये रूमेटाइड अर्थराइटिस की भी वजह बन सकता है। समय रहते इस पर कंट्रोल न किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो जाती है और बीमारी को ठीक करना बहुत ही मुश्किल। 

    मोटापा - लगातार बढ़ता वजन भी रूमेटाइड अर्थराइटिस होने की एक बड़ी वजह है। इसलिए इसे कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। वैसे वजन बढ़ने से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

    अनुवांशिक - कुछ लोगों में ऐसे खास जीन मौजूद होते हैं, जो रूमेटाइड अर्थराइटिस के खतरे को बढ़ाने का काम करते हैं।

    रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण

    - हाथ के ज्वॉइंट्स खासतौर से उंगलियों में दर्द व सूजन

    - पैर के ज्वॉइटंस, एंकल, घुटनों में दर्द

    - बुखार

    - कमजोरी

    बढ़ती उम्र के साथ ज्वॉइंट्स और ज्यादा खराब होते जाते हैं।

    ये भी पढ़ेंः- लाइफस्टाइल में करेंगे ये बदलाव तो अर्थराइटिस के दर्द ले मिलेगी राहत

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Pic credit- freepik

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