नर्व डैमेज होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये लक्षण, जानें किन वजहों से नसों को पहुंच सकता है नुकसान
नर्व डैमेज होना एक बहुत ही खतरनाक कंडिशन है जिसका समय पर इलाज करना जरूरी है। नर्व डैमेज के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि कुछ लक्षणों (Ne ...और पढ़ें

HighLights
- नर्व डैमेज सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है
- कुछ संकेतों की मदद से नर्व डैमेज का पता लगाया जा सकता है
- नर्व डैमेज के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नर्व डैमेज (Nerve Damage), जिसे न्यूरोपैथी भी कहा जाता है, तब होता है जब शरीर की नसों को किसी कारण नुकसान पहुंचता है या उनका सामान्य फंक्शन ठीक से नहीं हो पाता है। यह समस्या किसी एक नर्व या कई नर्व्स को प्रभावित कर सकती है, जिसके कारण शरीर में कई परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
इसलिए नर्व डैमेज का जल्दी पता लगाना जरूरी है, ताकि वक्त रहते इसका इलाज किया जा सके। शरीर में दिखने वाले कुछ लक्षणों (Symptoms of Nerve Damage) की मदद से इसका पता लगा सकते हैं। आइए डॉ. कुणाल बहरानी (क्लीनिकल डायरेक्टर एंड एचओडी ऑफ न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानें नर्व डैमेज के लक्षण और कारण।
नर्व डैमेज के लक्षण कैसे होते हैं?
सेंसरी नर्व डैमेज के लक्षण
सेंसरी नर्व्स शरीर को स्पर्श, दर्द, तापमान और कंपन का एहसास कराती हैं। इनके डैमेज होने पर ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं-
- हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नता
- जलन या चुभन वाला दर्द
- त्वचा पर ज्यादा सेंसिटिविटी, खासकर हल्का छूने से भी दर्द
- तापमान का पता न चलना यानी गर्म या ठंडा महसूस न होना
मोटर नर्व डैमेज के लक्षण
मोटर नर्व्स मांसपेशियों को कंट्रोल करती हैं। इनके डैमेज होने पर ये समस्याएं हो सकती हैं-
- मांसपेशियों में कमजोरी
- हाथ-पैरों का सही तरीके से काम न करना
- मांसपेशियों में ऐंठन या झटके लगना
- बैलेंस बनाए रखने में कठिनाई
ऑटोनोमिक नर्व डैमेज के लक्षण
ऑटोनोमिक नर्व्स शरीर के इनवॉल्यूएंटरी फंक्शन, जैसे- हार्ट बीट, डाइजेशन, पसीना आदि को कंट्रोल करती हैं। इनके डैमेज होने पर ये लक्षण दिख सकते हैं-
खबरें और भी
- चक्कर आना या ब्लड प्रेशर कम होना
- पाचन संबंधी समस्याएं, जैसे- कब्ज, दस्त, मतली
- पसीना ज्यादा या कम आना
- यूरिनरी ब्लैडर पर कंट्रोल न रहना
नर्व डैमेज के कारण क्या हैं?
- डायबिटीज- लंबे समय तक बढ़ा हुआ शुगर लेवल नर्व्स को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। यह सबसे आम कारणों में से एक है।
- विटामिन की कमी- विटामिन-बी12, बी6 और विटामिन-ई की कमी से नर्व डैमेज हो सकता है। ये विटामिन्स नर्व्स के सही फंक्शन के लिए जरूरी हैं।
- शराब पीना- ज्यादा मात्रा में शराब पीने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे नर्व डैमेज हो सकता है।
- ऑटोइम्यून बीमारियां- बीमारियां, जैसे- गुइलेन-बर्रे सिंड्रोम, ल्यूपस और रुमेटाइड अर्थराइटिस में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से नर्व्स पर हमला कर देती है।
- इन्फेक्शन- कुछ वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन, जैसे- हर्पीस, लाइम डिजीज और एचआईवी नर्व डैमेज का कारण बन सकते हैं।
- चोट या दबाव- नर्व्स पर लगातार दबाव, जैसे- कार्पल टनल सिंड्रोम या गहरी चोट से नर्व डैमेज हो सकता है। गलत पोस्चर में बैठने की वजह से भी नर्व डैमेज हो सकता है।
नर्व डैमेज के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर कंडिशन गंभीर हो सकती है। अगर आपको झनझनाहट, दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी या बैलेंस की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। हेल्दी लाइफस्टाइल, सही डाइट और नियमित जांच से नर्व डैमेज के रिस्क को कम किया जा सकता है।ॉ