यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kidney Stone के खतरे को कम कर सकती हैं डायबिटीज की कुछ दवाईयां, स्टडी में हुआ खुलासा
भारत में किडनी स्टोन की तकलीफ से कई लोग जूझ रहे हैं। तेजी से बढ़ रही अनहेल्दी डाइट कई तरह की बीमारियों का खतरा पैदा करती है। इन्हीं में से एक आम समस्य ...और पढ़ें

HighLights
- किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी आज एक आम समस्या है।
- टाइप 2 डायबिटीज किडनी स्टोन के बढ़ते जोखिम से जुड़ा होता है।
- स्टडी में टाइप 2 डायबिटीज वाले 7,16,406 लोगों के डेटा की जांच की गई।
एजेंसी, नई दिल्ली। Kidney Stone: गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन आज के लाइफस्टाइल में एक आम शारीरिक समस्या है, लेकिन अगर इस पर समय रहते नहीं ध्यान दिया गया तो यह एक गंभीर समस्या भी बन सकती है। इसमें असहनीय दर्द का सामना भी करना पड़ता है।
इस बीच हाल ही में हुई एक स्टडी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि डायबिटीज की कुछ दवाईयां किडनी स्टोन के खतरे को कम कर सकती हैं। स्टडी के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज किडनी स्टोन के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है, इस स्थिति के लिए कुछ तरह के उपचार से गुर्दे की पथरी के जोखिम को कम करने में भी लाभ हो सकता है।
अमेरिका स्थित ब्रिघम और महिला अस्पताल एवं मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्लूकोज कॉन्ट्राट्रांसपोर्टर 2 (SGLT2) अवरोधकों के उपयोग से गुर्दे की पथरी होने की संभावना कम हो सकती है। जामा इंटरनल मेडिसिन में रिपोर्ट किए गए रिसर्च में टाइप 2 डायबिटीज वाले मरीजों के अमेरिका के तीन राष्ट्रव्यापी डेटाबेस से डेटा शामिल था, जिन्हें रूटीन क्लिनिकल प्रैक्टिस में देखा गया था।
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स्टडी में सामने आई ये बात
स्टडी के दौरान टीम ने टाइप 2 डायबिटीज वाले 7,16,406 लोगों की जानकारी का विश्लेषण किया, जिन्होंने एसडीएलटी 2, जीएलपी1 रिसेप्टर एगोनिस्ट या डाइपेप्टिडाइल पेप्टिडेज 4 अवरोधक लेना शुरू कर दिया था। जिन मरीजों ने एसजीएलटी2 अवरोधक लेना शुरू किया, उनमें जीएलपी1 एगोनिस्ट लेने वालों की तुलना में गुर्दे की पथरी होने का खतरा 30 प्रतिशत कम था और डीपीपी4 अवरोधक लेने वालों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत कम था।
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डायबिटीज के मरीजों के लिए राहत का संकेत
लिंग, नस्ल, जातीयता और क्रोनिक किडनी रोग के इतिहास और मोटापे के आधार पर ये नतीजे एक जैसे थे। ब्रिघम और महिला अस्पताल में फार्माकोएपिडेमियोलॉजी और फार्माकोइकॉनॉमिक्स विभाग की संबंधित लेखिका जूली पाइक ने कहा, "हमारी रिसर्च डायबिटीज के उन मरीजों की मदद कर सकता जिन्हें किडनी स्टोन होने का खतरा है।"
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