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    कॉफी की चुस्की में छिपी है खुशियों की चाबी, 25% तक कम करती है डिप्रेशन का खतरा; पढ़ें रिपोर्ट

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 11:02 AM (IST)

    क्या आप भी अपनी सुबह की शुरुआत एक कप गरमा-गर्म कॉफी के साथ करते हैं? अगर हां, तो आपके लिए एक बहुत अच्छी खबर है। हाल ही में हुई कई बड़ी और लंबे समय तक च ...और पढ़ें

    कॉफी पीने से कम होता है डिप्रेशन का खतरा (Image Source: AI-Generated)

    कॉफी पीने से कम होता है डिप्रेशन का खतरा (Image Source: AI-Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो कॉफी को सिर्फ 'नींद भगाने का जरिया' मानते हैं? अगर हां, तो विज्ञान के पास आपके लिए कई हैरान करने वाली जानकारियां हैं। असल में, कॉफी उम्मीद से कहीं ज्यादा खास और गुणकारी होती है।

    यह सिर्फ आपको जगाए नहीं रखती, बल्कि बड़े-बड़े शोध यह साबित करते हैं कि यह आपको लंबी उम्र देने और गंभीर बीमारियों से बचाने में एक ढाल का काम करती है। यह केवल एक साधारण ड्रिंक नहीं है, बल्कि नियमित रूप से इसका सेवन आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ का सबसे मजबूत साथी बन सकता है। आइए, विस्तार से जानते हैं इसके फायदों के बारे में।

    coffee for mental health

    (Image Source: AI-Generated) 

    लम्बी उम्र और मानसिक शांति

    रिसर्च में लगातार यह बात सामने आई है कि जो लोग नियमित रूप से कॉफी पीते हैं, उनमें असमय मृत्यु का खतरा कम होता है, लेकिन सबसे चौंकाने वाले नतीजे मेंटल हेल्थ को लेकर हैं।

    आंकड़े बताते हैं कि कॉफी पीने से डिप्रेशन का खतरा 20 से 25 प्रतिशत तक कम हो सकता है (Coffee Linked to Lower Depression Risk)। इससे भी बड़ी बात यह है कि मध्यम मात्रा में कॉफी पीने वालों में आत्महत्या का जोखिम 40 से 50 प्रतिशत तक कम पाया गया है। यह लाभ तब भी देखा गया जब शोधकर्ताओं ने धूम्रपान, शराब, व्यायाम और आर्थिक स्थिति जैसे अन्य कारकों को ध्यान में रखा।

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    Coffee cafe

    (Image Source: Freepik) 

    दिमागी सेहत को भी फायदा

    कॉफी हमारे दिमाग के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि नियमित कॉफी पीने से पार्किंसंस डिजीज का खतरा काफी कम हो जाता है। हालांकि, अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों पर इसका प्रभाव 'न्यूट्रल' यानी सामान्य पाया गया है। यह फर्क महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताता है कि कॉफी दिमाग के कुछ विशिष्ट हिस्सों और कार्यों को ही लाभ पहुंचाती है, न कि केवल सामान्य दावों पर आधारित है।

    Coffee health benefits

    (Image Source: Freepik) 

    शरीर और मेटाबॉलिज्म के लिए फायदे

    कॉफी का असर सिर्फ दिमाग तक सीमित नहीं है। इसका सेवन कई शारीरिक बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है, जैसे:

    ये फायदे शायद इसलिए होते हैं क्योंकि कॉफी इंसुलिन सिग्नलिंग को बेहतर बनाती है, शरीर में सूजन को कम करती है और माइटोकॉन्ड्रिया के काम करने की क्षमता को सुधारती है।

    Coffee benefits

    (Image Source: Freepik) 

    सिर्फ कैफीन का नहीं है कमाल

    बहुत से लोग सोचते हैं कि कॉफी का सारा असर 'कैफीन' की वजह से है, लेकिन ऐसा नहीं है। कई अध्ययनों में देखा गया है कि डिकैफ कॉफी यानी बिना कैफीन वाली कॉफी पीने से भी ये फायदे मिलते हैं।

    कॉफी बायोएक्टिव कंपाउंड्स का एक कॉम्प्लेक्स कॉम्बिनेशन है। इसमें पॉलीफेनोल्स, क्लोरोजेनिक एसिड और डाइटरपेन जैसे तत्व होते हैं। ये तत्व हमारे नर्वस सिस्टम, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और Gut-Brain Axis पर पॉजिटिव असर डालते हैं।

    कितनी कॉफी है सही?

    बायोलॉजी में हर चीज की एक सही मात्रा होती है, और कॉफी भी इसका अपवाद नहीं है। शोध के अनुसार, दिन में लगभग 2 से 4 कप कॉफी पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि बहुत अधिक कैफीन का सेवन कुछ लोगों में घबराहट को बढ़ा सकता है, लेकिन कुल मिलाकर अगर सही मात्रा में पी जाए, तो कॉफी के फायदे इसके नुकसान से कहीं ज्यादा हैं।

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