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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अटेंशन लेडीज! महिलाओं में पुरुषों से अलग होते हैं Heart Attack के लक्षण, गलती से भी न करें इग्नोर

    Updated: Sun, 05 Jan 2025 10:23 AM (IST)

    हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण सीने में दर्द माना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दिल का दौड़ा पड़ने पर अलग लक्षण (He ...और पढ़ें

    महिलाओं में Heart Attack के लक्षणों की कैसे करें पहचान? (Picture Courtesy: Freepik)
    महिलाओं में Heart Attack के लक्षणों की कैसे करें पहचान? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. हार्ट अटैक के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में अलग होते हैं।
    2. महिलाओं में दिखने वाले हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं।
    3. सीने में दर्द के अलावा, हार्ट अटैक के और भी कई लक्षण होते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Heart Attack in Women: हालांकि, दिल की बीमारियां पुरुषों में ज्यादा आम मानी जाती हैं, लेकिन एक उम्र के बाद महिलाएं भी इन बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकती हैं। दिलचस्प बात यह है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण (Heart Attack Symptoms in Women) पुरुषों की तुलना में अक्सर अलग होते हैं, जिसके कारण कई बार उन्हें पहचाना नहीं जाता और समय पर इलाज नहीं मिल पाता है।

    इस आर्टिकल में हम डॉ. वैभव मिश्रा (मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज, के कार्डियक साइंस के सीनियर डायरेक्टर) से जानेंगे महिलाओं में हार्ट अटैक के खास लक्षणों (Signs of Heart Attack), कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में।

    महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण

    आमतौर पर हार्ट अटैक के बारे में जब हम सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में सीने में तेज दर्द की तस्वीर उभरती है। हालांकि, महिलाओं में यह लक्षण कम ही देखा जाता है। महिलाओं में हार्ट अटैक के कुछ आम लक्षण कुछ ऐसे होते हैं-

    • थकान- ज्यादा थकान जो सामान्य एक्टिविटीज को करने में बाधा डालती है।
    • सांस लेने में कठिनाई- हल्का काम करने पर भी सांस फूलना।
    • पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द- यह दर्द कभी-कभी बाएं हाथ में भी महसूस हो सकता है।
    • मतली और उल्टी- हार्ट अटैक के दौरान मतली और उल्टी होना आम है।
    • चक्कर आना और बेहोशी- दिल की मांसपेशियों को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण चक्कर आना और बेहोशी हो सकती है।

  • अचानक पसीना आना- ठंडा पसीना आना हार्ट अटैक का एक अन्य संकेत हो सकता है।
  • अजीब सी बेचैनी महसूस होना- शरीर में एक अजीब सी बेचैनी या असहजता महसूस हो सकती है।
  • पेट में दर्द- अचानक पेट में दर्द या उसके आस-पास दबाव महसूस होना हार्ट अटैक का भी संकेत हो सकता है।
  • यह भी पढ़ें: बढ़ता Cholesterol बन सकता है हार्ट अटैक की वजह, बचाव के लिए डाइट पर दें ध्यान

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    महिलाओं में हार्ट अटैक के कारण

    महिलाओं में हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-

    • हाई ब्लड प्रेशर- हाई ब्लड प्रेशर दिल पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है।
    • हाई कोलेस्ट्रॉल- हाई कोलेस्ट्रॉल आर्टरीज में प्लेग जमा होने का कारण बनता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आ सकती है।
    • डायबिटीज- डायबिटीज ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
    • स्मोकिंग- स्मोकिंग ब्लड वेसल्स को संकरा करता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है।
    • मोटापा- मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
    • तनाव- लगातार तनाव दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

    बचाव के उपाय

    महिलाओं में हार्ट अटैक से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में सुधार करने चाहिए।

    • हेल्दी डाइट- फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स से भरपूर डाइट लें।
    • नियमित एक्सरसाइज- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मीडियम इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करें।
    • ही वजन मेंटेन करें- हेल्दी वजन बनाए रखने के लिए बैलेंस्ड डाइट और नियमित एक्सरसाइज करें।
    • स्मोकिंग छोड़ें- स्मोकिंग छोड़ने से दिल की बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।
    • नियमित रूप से जांच करवाएं- हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल की नियमित जांच करवाएं। साथ ही, डॉक्टर की बताई गई दवाएं लें।
    • स्ट्रेस मैनेजमेंट- योग, मेडिटेशन या अन्य स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकों की प्रैक्टिस करें।

    यह भी पढ़ें: सर्दियां आते ही Heart Attack का खतरा क्यों हो जाता है दोगुना, डॉक्टर से जानें बचाव के 5 कारगर तरीके

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।