बिना डॉक्टर की सलाह ले रहे हैं Vitamin-D, तो हो जाएं सतर्क, किडनी फेलियर का बढ़ सकता है खतरा
हम सभी जानते हैं कि Vitamin-D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यह न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि कैल्शियम को सोखने में मदद करता है और हमारे ...और पढ़ें

विटामिन D की ओवरडोज से होता है किडनी फेलियर का खतरा, डॉक्टर ने समझाया कैसे (Image Source: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी यह मानते हैं कि विटामिन्स का सेवन हमेशा सुरक्षित होता है? हम सभी जानते हैं कि विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने, कैल्शियम को सोखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अगर आप बिना सोचे-समझे या ज्यादा मात्रा में इसके सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, तो सावधान हो जाइए।
ऐसा इसलिए, क्योंकि जिन सप्लीमेंट्स को आप सेहत के लिए फायदेमंद समझ रहे हैं, वही विटामिन-डी आपकी किडनी को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है (Vitamin-D and Kidney Failure)। आइए, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में कंसल्टेंट-नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानु मिश्रा से जानते हैं इस बारे में।

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विटामिन D की ओवरडोज का किडनी पर असर
बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में विटामिन-डी के सप्लीमेंट्स लेने से 'Vitamin-D Toxicity' की समस्या हो सकती है। इसका सबसे बुरा असर हमारी किडनी पर पड़ता है। जब शरीर में विटामिन-डी की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इस स्थिति को डॉक्टरी भाषा में 'हाइपरकैल्सीमिया' कहते हैं।
जब खून में कैल्शियम बहुत ज्यादा हो जाता है, तो किडनी को इसे फिल्टर करने में बहुत परेशानी होती है। इससे किडनी में पथरी (Kidney Stones) बनने का खतरा बढ़ जाता है और धीरे-धीरे किडनी के काम करने की क्षमता कम होने लगती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो गंभीर मामलों में यह किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
शरीर में विटामिन-डी या कैल्शियम की अधिकता होने पर कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आपको बार-बार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, जी मिचलाना, उल्टी होना, कमजोरी महसूस होना, भूख न लगना या घबराहट जैसे लक्षण महसूस हों, तो सावधान हो जाएं। ये लक्षण स्थिति के बिगड़ने का संकेत हो सकते हैं।
सुरक्षित रहने का सही तरीका
अपनी किडनी और सेहत को सुरक्षित रखने के लिए यह बहुत जरूरी है कि विटामिन-डी के सप्लीमेंट्स हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाकर अपने विटामिन-डी और कैल्शियम के स्तर की जांच करते रहें। याद रखें, बैलेंस डाइट, सीमित धूप और डॉक्टर द्वारा बताई गई सही खुराक ही स्वस्थ रहने का सबसे सुरक्षित तरीका है।