30 नहीं, अब 20 की उम्र से ही कराएं कोलेस्ट्रॉल की जांच; हार्ट अटैक से बचने के नए नियम जारी
दिल की बीमारियों से बचाव के लिए अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। अब 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (LDL-C) को ...और पढ़ें
-1775660762685_m.webp)
हार्ट अटैक से बचाव के लिए नए कोलेस्ट्रॉल नियम जारी (Picture Credit-Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों दिल की बीमारी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। दुनियाभर में कई लोग इसकी वजह से अपनी जानें गंवा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अब युवा भी तेजी से इसका शिकार होने लगे हैं।
ऐसे में दिल की बीमारियों से बचाव के लिए अब कुछ नियम और भी सख्त कर दिए हैं। हाल ही में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC), अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और 9 अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थाओं ने कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स (खून में फैट) को कंट्रोल करने के लिए नई गाइडलाइन्स जारी किए हैं। आइए जानते हैं इन नए नियमों के बारे में-
नई गाइडलाइन्स की जरूरी बातें
अब 'खराब' यानी बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL-C) को पहले से भी कम रखने पर जोर दिया गया है। नए नियम के मुताबिक डॉक्टर्स का नया मंत्र "जितना कम, उतना बेहतर" है। नई गाइडलाइन्स के तहत कोलेस्ट्रॉल लेवल के रेंज में भी बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक LDL का टारगेट हर व्यक्ति के अपने रिस्क लेवल पर निर्भर होगा।

(Picture Credit- AI Generated)
- जिन लोगों हार्ट डिजीज नहीं है, उन्हें LDL 100 mg/dL से कम रखना है।
- हार्ट डिजीज का मीडियम रिस्क है, उन्हें LDL 70 mg/dL से कम रखना है।
- जिन्हें हार्ट डिजीज का ज्यादा रिस्क है, उन्हें 55 mg/dL से कम रखना है।
दवा शुरू करने में देरी न करें
नई गाइडलाइन्स में यह भी कहा गया कि हेल्दी लाइफस्टाइल (डाइट, एक्सरसाइज, भरपूर नींद और वजन कंट्रोल) इलाज की पहली शर्त है। हालांकि, इन सबके बाद भी अगर इससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल नहीं होता, तो अब डॉक्टर पहले के मुकाबले जल्दी दवा शुरू करने की सलाह देते हैं।
खबरें और भी
-1775703908506.jpg)
(Picture Credit- AI Generated)
कब कराना होगा चेकअप?
आमतौर पर बात जब भी 'कोलेस्ट्रॉल' या 'हार्ट टेस्ट' की होती है, तो हमारा ध्यान घर के बड़े-बुजुर्गों या 30 की उम्र पार कर चुके लोगों पर जाता है। हालांकि, नई गाइडलाइन्स के तहत दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब डॉक्टर्स ने अप्रोच पूरी तरह से बदल दी है।

(Picture Credit- AI Generated)
नए नियम के तहत जिन बच्चों की कोलेस्ट्रॉल की फैमिली हिस्ट्री रही है, अब उन्हें भी 9-10 की उम्र में कम से कम एक बार कोलेस्ट्रॉल चेक कराने की सलाह दी गई है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बचपन से ही नसों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इसके अलावा 20 की उम्र से लिपिड प्रोफाइल चेक कराएं और हर 4-5 साल में चेक कराते रहें।