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    स्प्राउट्स में नमक-नींबू मिलाने से घटता है पोषण; आयुर्वेद के अनुसार अंकुरित मूंगफली खाने से बचें

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 04:36 PM (IST)

    सदियों से सेहत को सही रखने के लिए अंकुरित अनाज का सेवन होता आ रहा है। इनके सेवन से हमारा रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है, साथ ही हमें शरीर के लिए आव ...और पढ़ें

    आयुर्वेद के अनुसार स्प्राउट्स खाने का सही तरीका और अंकुरित मूंगफली से बचें (Picture Credit- AI Generated)

    आयुर्वेद के अनुसार स्प्राउट्स खाने का सही तरीका और अंकुरित मूंगफली से बचें (Picture Credit- AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आयुर्वेद के अनुसार अंकुरित अनाज में प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इनके सेवन से शरीर को विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं। इनके सेवन से शरीर के लिए आवश्यक कार्बोहाइड्रेट की पूर्ति आसानी से हो जाती है। सबसे खास बात यह है कि अंकुरित अनाज का सेवन सुबह के समय करना बहुत फायदेमंद होता है। 

    वैद्य अच्युत कुमार त्रिपाठी (सदस्य एवं गुरु राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ) के अनुसार अंकुरित अनाज में नींबू, नमक, प्याज, हरी मिर्च, टमाटर और चाट मसाले आदि का प्रयोग किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए। यदि आप अंकुरित अनाज में कोई अन्य सामग्री मिलाकर उसका सेवन करते हैं तो अंकुरित अनाज के जरिये मिलने वाले पोषक तत्वों में कमी हो जाती है और वे उतना फायदा नहीं करते हैं, जितना कि उनसे शरीर को फायदा मिलना चाहिए।

    बहुत से लोग केवल भीगे हुए साबुत अनाज का सेवन करना भी पसंद करते हैं। इस संदर्भ में यह ध्यान रखना चाहिए कि यदि आप भीगे हुए साबुत अनाज का सेवन करना चाहते हैं तो उन्हें कम से कम 24 घंटे तक भिगोकर रखा गया हो। वैसे तो साबुत अनाज को अंकुरित करके खाना ही सबसे बेहतर माना गया है। अंकुरित अनाज के सेवन से शरीर में रक्त की मात्रा सही रहती है और वात, पित्त, कफ की मात्रा संतुलित रहती है। इनके जरिये शरीर में मौजूद विभिन्न प्रकार की धातुओं को संतुलित रखने में बहुत मदद मिलती है। 

    अंकुरित अनाज का सेवन करने का सबसे उपयुक्त समय नाश्ते से पूर्व माना गया है। इन्हें खाने के बाद नाश्ता करने से शरीर को बहुत पोषण मिलता है। अंकुरित अनाज खाने के संदर्भ में एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इन्हें बहुत अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए। इससे शरीर में सलाइवा अच्छी मात्रा में पहुंचता है। आर्युवेद के अनुसार जब शरीर में सलाइवा काफी मात्रा में पहुंचता है तो पाचनतंत्र सही रहता है। अंकुरित अनाज का सेवन करने के बाद थोड़ी मात्रा में दूध का सेवन किया जा सकता है। इससे शरीर को काफी लाभ पहुंचता है।

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    मूंगफली को शामिल न करें

    अंकुरित अनाज तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मूंग, चना, लोबिया, राजमा, सोयाबीन आदि का प्रयोग तो करना चाहिए, लेकिन मूंगफली का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। बहुत से लोग मूंगफली को भी अंकुरित करके खाना पसंद करते हैं, लेकिन इससे शरीर के लिए कोई फायदा नहीं मिलता है। अतः मूंगफली को अंकुरित करके नहीं खाना चाहिए।

    तब न करें सेवन

    यदि आपको किडनी संबंधी समस्या है या हृदय संबंधी या लिवर संबंधी कोई समस्या है तो अंकुरित अनाज का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करना चाहिए। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ रहता है या फैटी लिवर की समस्या है उन्हें अपने चिकित्सक से परामर्श करके ही इसका सेवन करना चाहिए।

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