यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Thyroid Awareness Month 2024: सर्दी का मौसम बढ़ा सकता है थायरॉइड से जुड़ी समस्या, इन तरीकों से करें इसे मैनेज
सर्दियों के मौसम में कई बीमारियों के लक्षण बढ़ जाते हैं। इनमें थायरॉइड भी शामिल है। इस कारण से कई बार जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या नहीं होती है उनमे ...और पढ़ें

HighLights
- सर्दियों में थायरॉइड की समस्या बढ़ जाती है।
- शरीर का तापमान कम होने और मेटाबॉलिज्म तेज होने की वजह से थायरॉइड की समस्या बढ़ सकती है।
- खुद को गर्म रखने, स्लीप पैटर्न में सुधार और स्ट्रेस मैनेज करने से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Thyroid Awareness Month 2024: सर्दियों का मौसम कई बीमारियों को अपने साथ लेकर आता है। इनमें सबसे आम सर्दी, जुकाम और फ्लू हैं, लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी बीमारियां हैं, जो सर्दियों के मौसम में बढ़ सकती हैं। इनमें से एक थायरॉइड की समस्या भी है। इसलिए थायरॉइड के मरीजों को इस मौसम में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं, क्यों सर्दियों में थायरॉइड की समस्या बढ़ जाती है।
क्या होता है थायरॉइड?
थायरॉइड तितली के आकार का एक ग्लैंड होता है, जो हमारे गले के सामने के हिस्से में मौजूद होता है। यह ग्लैंड थायरॉइड हार्मोन रिलीज करता है, जो हमारे मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है। इसलिए इसके साथ समस्या होना, आपकी पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। थायरॉइड डिसॉर्डर होने पर थायरॉइड ग्लैंड सही मात्रा में हार्मोन रिलीज नहीं कर पाता है। इस कारण से हाइपोथायरॉइडिज्म या हाइपरथाइरॉइडिज्म की समस्या हो सकती है।
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क्यों सर्दियों में बढ़ जाती है थायरॉइड की समस्या?
सर्दियों में, ठंड के प्रभाव को कम करने के लिए हमारा शरीर मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिस कारण से थायरॉइड ग्लैंड टी3 और टी4 हार्मोन्स ज्यादा रिलीज करने लगता है। इसके अलावा, सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान कम होने लगता है, जो थायरॉइड ग्लैंड के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस कारण से भी वह ठीक से काम नहीं कर पाता है। इसका दूसरा कारण यह है कि सर्दियों में धूप कम निकलती है और विटामिन-डी की कमी हो जाती है, इस कारण से भी थायरॉइड ग्लैंड ठीक से काम नहीं कर पाता। इन कारणों से कई बार जिन लोगों को थायरॉइड से जुड़ी समस्या नहीं होती, उनमें भी थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) का लेवल बढ़ जाता है, जो यह संकेत देता है कि थायरॉइड ग्लैंड सही मात्रा में हार्मोन रिलीज नहीं कर पा रहा है। इस वजह से कब्ज, अधिक ठंड लगना, थकान, डिप्रेशन, बालों का रुखापन, जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
कैसे करें इससे बचाव?
- स्लीप पैटर्न में सुधार करें। अपने सोने और जागने का समय निर्धारित करें, ताकि सार्केडियन रिदम प्रभावित न हो।
- स्ट्रेस अधिक होने की वजह से थायरॉइड ग्लैंड प्रभावित होता है। इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखें।
- अपनी डाइट में प्रोटीन, विटामिन-डी और फाइबर से भरपूर फूड आइटम्स को शामिल करें।
- अपने शरीर को गर्म रखें। इसके लिए लेयर्स में कपड़े पहनें, गर्म सूप या ड्रिंक्स पीएं और बाहर बिना वजह न जाएं।
- नियमित तौर से थायरॉइड की जांच कराएं और अगर समस्या गंभीर होती नजर आए, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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