यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bone Health: महिलाओं में 30 के बाद कमजोर होने लगती हैं हड्डियां, एक्सपर्ट के बताए इन तरीकों से करें इससे बचाव
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। महिलाओं के साथ यह समस्या ज्यादा होती है। इसके कारण ओस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का ...और पढ़ें

HighLights
- हड्डियों की डेंसिटी कम होने की वजह से हड्डियां टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
- इसके कारण चलने-फिरने में तकलीफ और ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी होने का खतरा भी रहता है।
- अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव और डॉक्टर की मदद से 30 के बाद भी हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद मिलती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Bone Health: कमजोर हड्डियां कई परेशानियों का सबब बन सकती हैं। हमारे शरीर के ढांचे को बनाए रखने और सहारा देने के लिए हड्डियों का मजबूत रहना जरूरी होता है। हालांकि, 30 साल की उम्र के बाद हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। यह परेशानियां खासकर, महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। दरअसल, 30 साल के बाद बोन मास कम होने लगता है, जिसके कारण हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं (Weak Bones)। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, इस उम्र के बाद नई हड्डियां धीरे बनती हैं और पुरानी हड्डियां जल्दी-जल्दी रिमूव होने लगती हैं। कुछ महिलाओं में यह प्रक्रिया ज्यादा तेजी से होती है, जिसके कारण बोन मास काफी ज्यादा कम हो जाता है।
बोन मास ज्यादा कम होने की वजह से ओस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी गंभीर परेशानियां हो भी सकती हैं। इसके कारण हड्डियां आसानी से टूट सकती हैं और रोज के मामूली काम जैसे चलने-फिरने में भी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए 30 के बाद हड्डियों का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। महिलाएं कैसे अपनी हड्डियों को मजबूत बनाए रख सकती हैं, इस बारे में हमने डॉ. अखिलेश यादव ( मैक्स सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल, वैशाली, के ऑर्थोपेडिक एंड ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एशोशिएट निदेशक) से बात की। आइए जानें इस परेशानी से बचने के लिए उन्होंने क्या बचाव के तरीके बताए।
इन बातों को ध्यान में रखकर, बढ़ती उम्र के साथ बोन डेंसिटी को मेंटेन करने में मदद मिलती है और ओस्टियोपोरोसिस का खतरा काफी कम होता है-
- कैल्शियम से भरपूर फूड्स- वयस्कों को रोज 1000 से लेकर 1200 mg के बीच कैल्शियम लेना चाहिए। इसके लिए अपनी डाइट में कैल्शिम से भरपूर फूड्स, जैसे- बादाम, डेयरी प्रोडक्ट्स, सब्जियां और फॉर्टिफाइड सिरीयल्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
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(Picture Courtesy: Freepik)
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- विटामिन डी लें- हेल्दी हड्डियों के लिए विटामिन डी काफी महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, कैल्शियम के अब्जॉर्पशन के लिए विटामिन डी काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए शरीर में विटामिन डी की कमी न होने दें। विटामिन डी का सबसे बेहतर स्त्रोत सूरज की रोशनी है। इसलिए रोज सुबह कुछ समय धूप में बिताएं, ताकि आपकी स्किन विटामिन डी बना सके। इसके अलावा, फैटी फिश, अंडे की जर्दी और फॉर्टिफाइड दूध और अनाज को अपनी डाइट में शामिल करें। अगर आप चाहें, तो डॉक्टर से संपर्क करके विटामिन डी के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।
- नियमित एक्सरसाइज करें- वेट बियरिंग एक्सरसाइज, जैसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डांसिंग, जॉगिंग और वॉकिंग हड्डियों को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। ये हड्डियों की डेंसिटी को कम होने से बचाते हैं। इसलिए रोज कम से कम आधे घंटे ऐसी एक्टिविटीज जरूर करें।
- स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाएं- स्मोकिंग और ज्यादा शराब पीने की वजह से बोन लॉस ज्यादा होता है और बोन डेंसिटी कम होने लगती है। इसलिए स्मोकिंग न करें और शराब से भी दूरी बनाकर रखें।
- कैफीन की मात्रा नियंत्रित करें- कुछ शोधों में पाया गया है कि कैफीन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से कैल्शियम का एक्सक्रीशन बढ़ने लगता है और अब्जॉर्प्शन कम हो जाता है। इसलिए ज्यादा कॉफी, चाय और कोला न पीएं, ताकि शरीर में कैफीन की मात्रा ज्यादा न हो।
- हेल्दी बॉडी वेट मेंटेन करें- ओस्टियोपोरोसिस और बोन लॉस ज्यादातर उन लोगों को होता है, जिनका वजन कम होता है। इसके अलावा, ज्यादा वजन होने की वजह से भी हड्डियों पर काफी दबाव पड़ता है, जिसके कारण परेशानी हो सकती है। इसलिए हेल्दी वजन मेंटेन करें। इसके लिए हेल्दी डाइट खाएं और एक्सरसाइज करें।
- हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी- उन महिलाओं को जिनमें जल्दी मेनोपॉज हुआ हो या एस्ट्रोजेन का लेवल कम है, उनमें ओस्टियोपोरोसिस का खतरा काफी ज्यादा होता है। ऐसे में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी काफी मददगार साबित हो सकती है। कुछ मामलों में यह बोन डेंसिटी मेंटेन करने में मदद कर सकती है। हालांकि, इस बारे में पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करके अपनी हेल्थ कंडिशन के बारे में बात करें।
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