यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
7 आदतें जिन्हें आज ही बना लें जीवन का भाग, नहीं तो बढ़ती उम्र में हो जाएंगे Alzheimer’s का शिकार
अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति याददाश्त के साथ-साथ सोचने और समझने की क्षमता भी खोने लगता है। वैसे तो यह बीमारी बढ़ती उम्र में होती है लेकिन ...और पढ़ें

HighLights
- Alzheimer's एक दिमागी बीमारी है।
- इसमें याददाश्त और सोचने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
- रोज की कुछ खराब आदतें अल्जाइमर के खतरे को बढ़ा देती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Alzheimer's Prevention Tips: अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी दिमागी क्षमता खोने लगता है। आम लगने वाली रोजमर्रा की बातें भूलना कब धीरे-धीरे अल्जाइमर का रूप ले लेती है, व्यक्ति को पता ही नहीं चलता। भले ही यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में होती है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार आदतें युवावस्था से ही शुरू हो जाती हैं। रोज की छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे दिमाग को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती हैं, जिसके कारण आगे चलकर अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि इन आदतों की पहचान करके उनमें सुधार किया जाए।
अल्जाइमर के लक्षण
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अल्जाइमर से बचाव कैसे करें?
- हेल्दी वजन मेंटेन करें- गतिहीन जीवनशैली और खराब खान-पान की वजह से लोग तेजी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं। मोटापे के कारण अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हेल्दी वजन मेंटेन करने की कोशिश करें। इसके लिए हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज जरूर करें।
- फिजिकल एक्टिविटी करें- सेडेंटरी लाइफस्टाइल अल्जाइमर का बड़ा रिस्क फैक्टर है। इसलिए कोशिश करें कि आप फिजिकली एक्टिव रहें। रोज आधे घंटे एक्सरसाइज करें। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। कम दूरी के लिए पैदल चलना या साइकिल का इस्तेमाल करें।
- नींद पूरी करें- नींद की कमी के कारण दिमागी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए कोशिश करें कि आप रोज 7-8 घंटे की नींद लें।
- कानों का ख्याल रखें- सुनने की क्षमता प्रभावित होने से भी अल्जाइमर का जोखिम बढ़ता है। इसलिए अगर सुनाई देने में कोई तकलीफ हो, तो तुरंत ई.एन.टी. से संपर्क करें। इसके अलावा, तेज गाने न सुनें, ज्यादा समय तक हेड फोन्स का इस्तेमाल न करें। शोर-शराबे से बचने की कोशिश करें और कान में कोई भी नुकीली चीज न डालें।
- स्मोकिंग न करें- स्मोक करने से दिमाग को काफी नुकसान पहुंचता है। इसलिए स्मोकिंग न करें। साथ ही, सेकंड हैंड स्मोकिंग से भी दूर रहें।
- हेल्दी डाइट- हाल ही में, एक स्टडी में सामने आया था कि मेडिटिरेनियन डाइट, जिसमें सब्जियां, फल, अनाज, लीन प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड ज्यादा मात्रा में हो और चीनी, नमक, प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा कम होती है, से अल्जाइमर का खतरा कम होता है। इसलिए हेल्दी डाइट खाएं।
- ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल- ज्यादा शुगर बढ़ने के कारण इंफ्लेमेशन बढ़ने लगती है। इसलिए शुगर कंट्रोल करना जरूरी है। साथ ही, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करें, ताकि दिल की बीमारियों से बचाव हो।
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