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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Air Pollution से बचने के लिए रोज करें ये 5 प्राणायाम, फेफड़े रहेंगे स्वस्थ और मजबूत

    Updated: Tue, 26 Nov 2024 11:02 AM (GMT+05:30)

    वायु प्रदूषण (Air Pollution) का खतरा अभी भी टला नही हैं। इसलिए अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए रोज प्राणायाम करना काफी फायदेमंद (B ...और पढ़ें

    Air Pollution से बचने के लिए करें ये 5 तरह के प्राणायाम (Picture Courtesy: Freepik)
    Air Pollution से बचने के लिए करें ये 5 तरह के प्राणायाम (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. वायु प्रदूषण के कारण फेफड़े खराब हो सकते हैं।
    2. इससे बचने के लिए प्राणायाम करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
    3. प्राणायाम करने से फेफड़े मजबूत बनते हैं और उनकी काम करने की क्षमता बढ़ती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल बढ़ते प्रदूषण (Air Pollution) ने हमारे स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल दिया है। खासकर रेस्पिरेटरी पर इसका सीधा असर पड़ता है। इसलिए इस दौरान अपने फेफड़ों की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके लिए प्राणायाम (Pranayam to Fight Air Pollution) एक नेचुरल और असरदार तरीका हो सकता है। प्राणायाम न केवल तनाव को कम करता है, बल्कि रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाकर हमें प्रदूषण के दुष्प्रभावों से भी बचाता है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 प्राणायाम के बारे में, जो वायु प्रदूषण से बचाव में हमारी मदद कर सकते हैं।

    अनुलोम-विलोम प्राणायाम

    • कैसे करें- इस प्राणायाम में दाईं नासिका से सांस लेना और बाईं नासिका से छोड़ना शामिल है। फिर इसी प्रक्रिया को उल्टी तरफ से दोहराना होता है।
    • फायदे- यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है, तनाव कम करता है और मन को शांत करता है। नियमित रूप से करने पर फेफड़ों की सफाई होती है और प्रदूषित हवा के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

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    कपालभाति प्राणायाम

    • कैसे करें- इस प्राणायाम में पेट को अंदर की ओर खींचते हुए तेजी से सांस बाहर की ओर छोड़ी जाती।
    • फायदे- यह प्राणायाम फेफड़ों को मजबूत बनाता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है। यह प्राणायाम फेफड़ों से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और रेस्पिरेटरी सिस्टम को स्वस्थ रखता है।

    भ्रामरी प्राणायाम

    • कैसे करें- इस प्राणायाम में दोनों कानों को अंगूठे से बंद करके मुंह से 'मम्' का उच्चारण करते हुए सांस छोड़ी जाती है।
    • फायदे- यह प्राणायाम मन को शांत करता है, तनाव कम करता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। यह प्राणायाम प्रदूषण के कारण होने वाली चिंता और बेचैनी को कम करने में भी मदद करता है।

    शीतली प्राणायाम

    • कैसे करें- इस प्राणायाम में जीभ को बाहर निकालकर हवा को जीभ के ऊपर से अंदर खींचा जाता है।
    • फायदे- यह प्राणायाम शरीर को ठंडा रखता है और प्यास को कम करता है। यह प्राणायाम प्रदूषण के कारण होने वाले गले की जलन और खांसी को कम करने में मदद करता है।

    उज्जायी प्राणायाम

    • कैसे करें- इस प्राणायाम में गले को थोड़ा-सा बंद करके सांस लेना और छोड़ना शामिल है।
    • फायदे- यह प्राणायाम मन को शांत करता है, तनाव कम करता है और शरीर को ऑक्सीजन की भरपूर मात्रा प्रदान करता है। यह प्राणायाम प्रदूषण के कारण होने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।

    और किन बातों का ध्यान रखें?

    • मास्क का इस्तेमाल करें- प्रदूषित क्षेत्रों में बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें।
    • घर के अंदर हवा को शुद्ध करें- एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें या पौधे लगाएं।
    • स्वस्थ खाना खाएं- विटामिन और मिनरल से भरपूर डाइट खाएं।
    • पर्याप्त नींद लें- नींद की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।