एक कमरे से दूसरे में जाकर सोचते हैं- "अरे, मैं यहां लेने क्या आया था?" समझिए इसके पीछे का साइंस
जब आप एक कमरे से दूसरे में जाते हैं और अपना काम भूल जाते हैं, तो इसे 'डोरवे इफेक्ट' कहते हैं। ...और पढ़ें

जानिए क्या है 'डोरवे इफेक्ट' (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कई बार हम बड़ी तेजी से किसी काम के लिए किचन या दूसरे कमरे में जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचते ही एकदम सुन्न पड़ जाते हैं कि- "अरे, मैं यहां क्या लेने आया था?" क्या आपके साथ भी ऐसा होता है?
दरअसल, विज्ञान की भाषा में इसे 'डोरवे इफेक्ट' कहा जाता है (Doorway Effect Science)। अक्सर लोग इसे भूलने की बीमारी या याददाश्त की कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहता है। असल में, यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि आपके दिमाग के एकदम सही तरीके से काम करने का सबूत है। आइए, फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. विनीत बंगा से समझते हैं कैसे।

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दिमाग खुद को करता है 'रीसेट'
यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के मनोवैज्ञानिकों ने इस पर एक अहम अध्ययन किया है। उनके मुताबिक, जब हम किसी दरवाजे को पार करके नई जगह जाते हैं, तो हमारा दिमाग खुद को नए माहौल के हिसाब से 'रीसेट' कर लेता है।
वैज्ञानिक इसे 'इवेंट बाउंड्री' कहते हैं। इसका मतलब है कि जैसे ही आप जगह बदलते हैं, आपका दिमाग पुरानी गैर-जरूरी जानकारी को मिटा देता है ताकि नई जगह पर फोकस किया जा सके। यही वजह है कि पिछले कमरे का खयाल नए कमरे में आते ही गायब हो जाता है।
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स्मार्टफोन के 'टैब' की तरह काम करता है हमारा दिमाग
आप अपने दिमाग को एक मोबाइल फोन की तरह समझ सकते हैं जिसमें बहुत सारे 'टैब' या 'ऐप्स' खुले हुए हैं। फोन को हैंग होने से बचाने के लिए हम उन ऐप्स को बंद कर देते हैं जिनकी जरूरत नहीं होती।
हमारा दिमाग भी बिल्कुल ऐसे ही हमारी दिमागी मेमोरी को बचाता है। जब आप नए कमरे में कदम रखते हैं, तो दिमाग को लगता है कि अब कोई नया काम शुरू होने वाला है। इसलिए, वह तुरंत पुराने विचार को हटाकर जगह खाली कर देता है। यह दिमाग की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी एक शानदार खूबी है।

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थकावट और तनाव से बिगड़ती है स्थिति
आजकल के बिजी लाइफस्टाइल में हमारा ध्यान बहुत सी चीजों में बंटा रहता है। जब हम थके हुए होते हैं, तनाव में होते हैं, या फिर एक साथ कई काम कर रहे होते हैं, तो दिमाग की फोकस करने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे समय में, जब हम अपनी जगह बदलते हैं, तो दिमाग ओवरलोड होने के कारण पुरानी बातें जल्दी भूल जाता है।
काम याद रखने के कुछ आसान हैक्स
अगर आप इस 'डोरवे इफेक्ट' से बचना चाहते हैं, तो आप अपने दिमाग को इन छोटे-छोटे तरीकों से चकमा दे सकते हैं:
- दिमाग में तस्वीर बनाएं: जो सामान आपको उठाना है, उसकी स्पष्ट तस्वीर अपने मन में सोच लें।
- गुनगुनाएं या बोलें: आप जो काम करने जा रहे हैं, रास्ते भर उसे जोर से बोलते हुए जाएं।
- दरवाजे पर एक ब्रेक लें: कमरे में घुसने से पहले दरवाजे पर एक पल के लिए रुकें और अपने काम को दिमाग में अच्छे से बिठा लें।
- कोई निशानी साथ रखें: अपने हाथ में कोई ऐसा छोटा ऑब्जेक्ट रखें जो आपको आपके काम की याद दिलाता रहे।

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क्या डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है?
आमतौर पर, इसके लिए घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। कमरे में जाकर काम भूल जाना एक बेहद सामान्य सी घटना है और यह कॉग्निटिव डिक्लाइन का कोई लक्षण नहीं है। यह सिर्फ आपके दिमाग की एक 'क्लीन-अप' यानी सफाई की प्रक्रिया है।
हां, अगर आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों के नाम, जरूरी मीटिंग्स या अहम काम भी लगातार भूलने लगे हैं, तब आपको डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Source: Sage Journals
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