पीठ या गर्दन का दर्द कहीं 'स्लिप डिस्क' तो नहीं? नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, घर पर ऐसे पाएं राहत
स्लिप डिस्क आजकल एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। खासकर उन लोगों में जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। आइए जानें इसके शुरुआती लक्षण। ...और पढ़ें

स्लिप डिस्क के दर्द से हैं परेशान? इन तरीकों से तुरंत पाएं राहत (Image Credit : Canva)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपकी पीठ या गर्दन में अक्सर तेज दर्द रहता है? बदलती लाइफस्टाइल और घंटों गलत पॉश्चर में बैठे रहना स्लिप डिस्क का कारण हो सकता है। इसे हर्नियेटेड डिस्क के नाम से भी जाना जाता है।
यह रीढ़ की हड्डी में होने वाली एक कंडीशन है, जिसमें बैकबोन के बीच मौजूद डिस्क नेचुरली या चोट की वजह अपनी जगह से खिसक जाती हैं या लीक हो जाती है। इससे स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव पड़ता है और नसों में जलन होती है, जिससे तेज दर्द, सुन्नपन और कमजोरी महसूस होने लगती है।
यह समस्या ज्यादातर कमर के निचले हिस्से और गर्दन में होती है। क्या आप जानते हैं कि कुछ मामलों में स्लिप डिस्क को बिना किसी ऑपरेशन के समय रहते इलाज से ठीक किया जा सकता है? आइए जानते हैं इसके शुरुआती लक्षण और इससे राहत पाने के कुछ तरीके।
कमर में स्लिप डिस्क के लक्षण
स्लिप डिस्क की परेशानी रीढ़ की हड्डी के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन पीठ के निचले भाग में यह समस्या होना आम है। यहां पर स्लिप डिस्क की समस्या होने से अक्सर साइटिका का दर्द शुरू होने लगता है। इसमें कमर से लेकर पैर के पंजे तक तेज दर्द महसूस होता है। साथ ही, उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होती है और मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है।
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गर्दन में स्लिप डिस्क के लक्षण
अगर आपको गर्दन के पीछे या किनारों पर लगातार दर्द रहता है, तो सावधान हो जाएं। गर्दन में डिस्क की समस्या होने पर कंधे और हाथों में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। अक्सर यह दर्द कंधों के बीच और हाथों की उंगलियों तक भी पहुंच जाता है। गर्दन घुमाते या झुकाते समय दर्द का बढ़ना इसका बड़ा संकेत है।
इसके दर्द से घर पर कैसे पाएं राहत?

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स्लिप डिस्क का दर्द समय के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा है, तो 1 से 3 दिन तक आराम करें, लेकिन बहुत ज्यादा समय तक बेड रेस्ट न रहें वरना शरीर में जकड़न बढ़ सकती है। दर्द कम करने के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर पेन किलर ले सकते हैं। वहीं, प्रभावित हिस्से पर बर्फ या गरम पानी से सिकाई करने पर काफी राहत मिलती है।