यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेक्स लाइफ और मूड दोनों पर बुरा असर डालता है Early Menopause, जानें इसके कारण और बचाव के तरीके
मेनोपॉज एक नेचुरल प्रॉसेस है जो आमतौर पर 45 वर्ष की उम्र के बाद होती है। लेकिन कुछ महिलाओं में ये समय से पहले हो सकती है जिसे प्रीमेच्योर या अर्ली मेन ...और पढ़ें

HighLights
- Early Menopause के पीछे कई कारण हो सकते हैं।
- इससे महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
- इसके लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर महिला का जीवन आसान नहीं होता है। उसे अपने लाइफ में ऐसे कई दौर से गुजरना पड़ता है जो कभी सोचा भी नहीं जा सकता है। उन्हीं में से एक मेनोपॉज है। ये एक नेचुरल प्रक्रिया होती है। ये महिलाओं में आमतौर पर 45 साल के बाद देखने को मिलती है। किसी भी महिला को अनपी लाइफ में कई बदलावों का सामना करना पड़ता है। 10 से 12 साल की उम्र में पीरियड्स शुरू होते हैं।
हालांकि, 45 साल के बाद पीरियड्स का आना बंद हो जाता है। इसके पूरी तरह से बंद होने की प्रक्रिया को ही मेनोपॉज कहते हैं। यानी कि लगातार 12 महीने तक पीरियड्स न होने पर मेनोपॉज शुरू हो जाता है। कुछ महिलाओं में समय से पहले ये देखने काे मिलता है। इसे हम Premature Menopause कहते हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। हम आपको बताएंगे कि इसके पीछे कारण क्या है। इससे क्या नुकसान हो सकते हैं। वहीं early menopause के लक्षण क्या हैं। तो आइए जानते हैं विस्तार से-
क्या है Early Menopause?
मेनोपॉज एक नेचुरल प्रॉसेस है। इसमें 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं के पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। दरअसल, जब शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन कम होने लगते हैं तब महिलाओं में मेनोपॉज शुरू होता है। लेकिन अगर समय से पहले पीरियड्स बंद हो जाते हैं तो इसे Early Menopause या Premature Menopause कहते हैं।
क्या हैं इसके लक्षण?
- अचानक गर्मी का महसूस होना
- रात में पसीना आना
- वजाइना में ड्राईनेस
- सेक्स के दौरान दर्द
- बार-बार पेशाब लगना
- यूरिन इंफेक्शन (UTI)
- नींद न आना
- चिड़चिड़ापन, मूड का जल्दी बदलना, उदासी या चिंता घेरे रहना
- स्किन, आंखों और मुंह का ड्राई होना
- ब्रेस्ट में दर्द होना
- दिल की धड़कनें तेज होना
- सिर दर्द
- जोड़ों और मसल्स में दर्द या अकड़न
- सेक्स में इंटरेस्ट न लेना
- बातों को भूल जाना
- वजन का बढ़ना या घटना
- बालों का झड़ना
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Early menopause के कारण?
- Family History मेनोपॉज जल्दी शुरू होने का सबसे बड़ा कारण है। अगर परिवार में किसी महिला की मां को ये समस्या रही है तो उसे भी जल्दी मेनोपॉज शुरू हो सकते हैं।
- हमारी लाइफस्टाइल और खराब खानपान का असर हमारे सेहत पर जरूर पड़ता है। यही सब कारण है कि महिलाओं में मेनोपॉज की उम्र कम होने लगी है।
- फिजिकल वर्कआउट में कमी और ज्यादा मानसिक तनाव भी प्रीमेच्योर मेनोपॉज का कारण है।
- स्मोकिंग और एल्कोहल को ज्यादा मात्रा में लेने से भी महिलाओं में मेनोपॉज की प्रक्रिया प्रभावित होती है। दरअसल, स्मोकिंग और शराब शरीर में हार्मोन के लेवल पर बुरा असर डालते हैं जिस कारण मेनोपॉज जल्दी शुरू हो सकता है।
- अगर कोई महिला कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है तो इलाज के लिए कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। ये भी मेनोपॉज जल्दी शुरू होने का एक कारण है।
क्या हैं नुकसान?
एस्ट्रोजेन हार्मोन ब्लड वेसल्स को हेल्दी रखने और कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मदद करता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। प्रीमेच्योर मेनोपॉज की वजह से एस्ट्रोजेन का लेवल कम हो जाता है। इस कारण दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा महिलाओं में डिप्रेशन और डिमेंशिया या Parkinson's Disease का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही ओस्टियोपोरोसिस और हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है। अगर कोई महिला, प्रीमेच्योर मेनोपॉज से गुजर रही है तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- स्मोकिंग और शराब से बचें।
- इलाज और बीमारी के बारे में जागरूक रहें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा ना खाएं।
- बहुत ज्यादा चाय या कॉफी न पिएं।
- तनाव को मैनेज करें।
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Source-
- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/21138-premature-and-early-menopause