यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Myopia: क्या है मायोपिया, जानिए इसके लक्षण और बचने के उपाय
Myopia मायोपिया से ग्रसित व्यक्ति को दूर की चीज़ें देखने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा इस बीमारी के कई लक्षण हैं। बदलती लाइफस्टाइल के कारण बच्चे भ ...और पढ़ें

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Myopia:आजकल लोग ज्यादा समय स्क्रीन पर बिताना लगे हैं। जिसका सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। ऐसे में लोगों को नजदीक का दिखना कम हो जाता है, तो वहीं कुछ लोगों को दूर की चीज़ें भी कम नजर आती है। इस स्थिति को मायोपिया कहते हैं। हालांकि यह समस्या उम्र बढ़ने पर होती है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल के कारण बच्चे भी इस समस्या के शिकार हो रहे हैं। तो आइए जानते है मायोपिया के बारे में जरूरी जानकारी।
मायोपिया, इस बीमारी में आई बॉल यानी आंख की पुतली का आकार बढ़ जाता है। ऐसे में प्रतिबिंब रेटिना पर बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है। इस स्थिति में दूर की चीज़ें धुंधली और अस्पष्ट दिखाई देती है।
मायोपिया होने के ये हैं कारण
अगर आपकी आंखों की पुतली बहुत लंबी हो जाती है, इससे भी आप मायोपिया से परेशान हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार, इस स्थिति में जो रोशनी आंखों में प्रवेश करती है, वो स्पष्ट रूप से फोकस नहीं होती है। जब मायोपिया की ज्यादा समस्या बढ़ जाती है, तो आप मोतियाबिंद या ग्लुकोमा होने का जोखिम बढ़ जाता है।
-स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताना।
- पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक रोशनी न मिलने के कारण।
-यह आनुवंशिक रोग है। अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या है, तो आपके लिए इस बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
मयोपिया होने के लक्षण
-आंखों से लगातार पानी आना।
-बार-बार आंखें झपकाना।
-दूर की चीज़ों को देखने के लिए आंखों पर जोर डालना।
-पलकों को सिकुड़कर देखना।
मायोपिया के उपचार
- एक्सपर्ट के अनुसार, मायोपिया के नॉन सर्जिकल इलाज के लिए चश्मा और कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल किया जाता है।
- इसके लिए चश्मा में भी कई प्रकार के लेंस का उपयोग किया जाता है, जिसमें बाई फोक्ल्स, मल्टी फोकल लेंस आदि शामिल है।
- इसका इलाज सर्जरी के द्वारा भी किया जाता है, जिसके बाद रोगी को साफ-साफ नजर आता है।
बच्चों में मायोपिया की ऐसे करें पहचान
आंखें मलना
आंखों में खिंचाव और थकान होने पर आंखों को रगड़ना एक आम बात है, लेकिन आंख रगड़ना मायोपिया का भी लक्षण हो सकता है। अगर आपका बच्चा बार-बार अपनी आंखें मलता है, तो यह भी आंखों में संक्रमण का कारण हो सकता है। इसिलिए, माता-पिता अपने बच्चों के इस आदत पर ध्यान दें।
पढ़ते समय आंखों में पानी आना
अगर बच्चा दूर की वस्तुओं को पढ़ने के लिए अपनी आंखें सिकुड़ रहा है, तो उन्हें देखने में कठिनाई हो सकती है। यह समस्या धुंधली दृष्टि के कारण हो सकता है।
आंखों से लगातार पानी आना
अगर बच्चों की आंखों से लगातार पानी आ रहा है, तो यह भी मायोपिया का संकेत हो सकता है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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