Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या आप भी Mpox और स्मॉलपॉक्स में हो जाते हैं कन्फ्यूज? एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें दोनों में अंतर

    Updated: Sat, 21 Sep 2024 05:38 PM (GMT+05:30)

    देश में Mpox का दूसरा मामला सामने आने के बाद से ही डर का माहौल है। यह बीमारी दुनियाभर में तेजी से अपने पैर पसार रही है जिसके चलते इसे ग्लोबल हेल्थ इमर ...और पढ़ें

    एमपॉक्स और स्मॉलपॉक्स में अंतर (Picture Credit- Freepik)
    एमपॉक्स और स्मॉलपॉक्स में अंतर (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. भारत के केरल में Mpox का दूसरा मामला सामने आया है।
    2. यह बीमारी काफी हद तक स्मॉलपॉक्स के समान होती है।
    3. यही वजह है कि कई लोग इन दोनों में अंतर करना भूल जाते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देश में Mpox का दूसरा मामला सामने आ गया है। इस मामले के सामने आने के बाद से ही देश में हड़कंप मच गया है। देश में अब तक इस संक्रमण के दो मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक दिल्ली और दूसरा केरल में मिला है। यह इन्फेक्शन बीते कई समय से पूरी दुनिया में परेशानी की वजह बना हुआ है, जिसे देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। वहीं, भारत में इसके मामले सामने आने के बाद इसे लेकर चिंताएं बढ़ गई है।

    एमपॉक्स, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से भी जाना था, तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। यह काफी हद तक चेचक यानी स्मॉलपॉक्स की तरह होता है। यही वजह है कि कई लोग एमपॉक्स और स्मॉल पॉक्स में अंतर नहीं कर पाते हैं। ऐसे में मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल गुरुग्राम में डिपार्टमेंट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के सीनियर रजिस्ट्रार मुजम्मिल सुल्तान कोका बता रहे हैं स्मॉलपॉक्स और एमपॉक्स में अंतर-

    क्या है एमपॉक्स?

    ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस से संबंधित एमपॉक्स वायरस इस संक्रमण का कारण बनता है। इसके पहले मंकीपॉक्स कहा जाता था। स्मॉल पॉक्स का कारण बनने वाला वेरियोला वायरस काफी हद तक एमपॉक्स वायरस से जुड़ा हुआ है। इसलिए दोनों में इतनी समानताएं होती हैं। एमपॉक्स का प्राइमरी होस्ट एक जानवर होता है, जो खासकर

    चूहे और प्राइमेट होते हैं। हालांकि, बीमार जानवरों, उनके बॉडी फ्लूइड या दूषित चीजों के संपर्क में आने की वजह से भी लोग इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

    एमपॉक्स के लक्षण

    एमपॉक्स की चपेट में आने के बाद संक्रमित व्यक्ति आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाता है। यह संक्रमण दो से चार हफ्ते तक ही रहता है, लेकिन छोटे बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। हालांकि, यह बीमारी चेचक जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन दूषित चीजों, रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स और घावों के संपर्क में आने से यह फैल सकता है। इसके लक्षणों (Monkeypox Virus Symptoms) की बात करें, तो एमपॉक्स के निम्न लक्षण होते हैं-

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें-  क्या भारत में पैर पसार रहे Mpox के लिए मौजूद है वैक्सीन? यहां समझें इसके टीके से जुड़ी सभी जरूरी बातें

    • बुखार
    • सिरदर्द
    • मांसपेशियों में दर्द
    • लिम्फ नोड्स में सूजन
    • दाने जो आमतौर पर चेहरे पर शुरू होते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाते हैं।
    • ये दाने मैक्यूल्स से लेकर फफोले, फुंसियां ​​और अंत में पपड़ी में बदल जाते हैं।

    स्मॉलपॉक्स क्या है?

    स्मॉलपॉक्स यानी चेचक की बीमारी, वेरियोला वायरस के कारण होती है। यह बीमारी सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में से एक है। हालांकि, चेचक किसी जानवर के जरिए नहीं फैलता और इसलिए इसे खत्म करना या कंट्रोल करना ज्यादा मुश्किल नहीं है

    स्मॉलपॉक्स के लक्षण

    बात करें चेचक में लक्षणों की, तो इस बीमारी में पीड़ित को दाने होने लगते हैं, जो चेहरे पर शुरू होकर शरीर के अन्य अंगों तक फैल जाते हैं। ये दाने तेजी से विकसित होते हैं और पस से भरने के बाद अंत में फूट जाते हैं। इसके अलावा चेचक से पीड़ित व्यक्ति को हाई टेम्परेचर, थकावट और दर्दनाक सिरदर्द भी हो सकता है।

    चेचक बेहद संक्रामक बीमारी है। इससे संक्रमित होने वाले 30% से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती थी। खासकर ज्यादा गंभीर मामलों में ऐसा अक्सर होता है। वहीं, जो लोग इस बीमारी से बच जाते हैं, उन्हें अक्सर गंभीर घावों से जूझना पड़ता है और दुर्लभ मामलों में पीड़ित की आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

    यह भी पढ़ें- महिलाओं को क्यों ज्यादा होती है Alzheimer's disease? डॉक्टर ने बताई इसकी वजह और बचाव के तरीके