पीरियड्स का दर्द नॉर्मल है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें कब जांच करवानी है जरूरी
पीरियड्स का दर्द हमेशा नॉर्मल नहीं होता है। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। ...और पढ़ें

क्या पीरियड्स के दर्द को अनदेखा करना सही है? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द होना, जिसे मेस्ट्रुअल क्रैम्पस कहते हैं, नॉर्मल माना जाता है। ज्यादातर महिलाएं पीरियड्स के शुरुआती दिनों में इस समस्या से गुजरती हैं, लेकिन कब यह दर्द नॉर्मल नहीं है इस बारे में जानकारी जरूरी है।
कुछ मामलों में पीरियड क्रैम्प शरीर के अंदर छिपी किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना बाद में महंगा साबित हो सकता है। आइए डॉ. मनन गुप्ता (चेयरमैन एंड एचओडी- ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजी, एटलांटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली) से जानें कब पीरियड नॉर्मल नहीं होता।
क्या पीरियड्स में क्रैम्प्स होना सामान्य है?
पीरियड्स के शुरुआती 1-2 दिनों के दौरान पेट के निचले हिस्से, कमर या जांघों में हल्का से मध्यम दर्द होना पूरी तरह सामान्य माना जाता है। असल में, जब यूटेरस अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए कॉन्ट्रैक्ट होता है, तो मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से यह ऐंठन महसूस होती है।
यह दर्द आमतौर पर हल्का होता है और इसे आराम करने, हॉट वाटर बैग का इस्तेमाल करने, हल्का व्यायाम करने या डॉक्टर की सलाह से ली गई साधारण पेन किलर दवाओं से कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ मामलों में, इस दर्द के साथ जी मिचलाना, थकान या सिरदर्द जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जिन्हें सामान्य ही माना जाता है।
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कब यह दर्द सामान्य नहीं रहता?
अगर पीरियड पेन इतना गंभीर हो जाए कि आपको अपना डेली रूटीन फॉलो करने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर दर्द इतना तेज है कि आप स्कूल, कॉलेज या ऑफिस नहीं जा पा रहे हैं और साधारण पेनकिलर से भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
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इन संकेतों पर ध्यान दें-
- दर्द 2-3 दिनों से ज्यादा समय तक बना रहता है।
- दर्द अचानक पहले की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
- पीरियड शुरू होने के काफी दिन पहले से ही क्रैम्प शुरू हो जाता है।
डॉक्टर से कब सलाह लेना जरूरी है?
दर्द के अलावा कुछ और वार्निंग सिग्नल्स भी होते हैं जिनके दिखने पर तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए। इनमें ज्यादा हैवी ब्लीडिंग, अनियमित पीरियड्स या सेक्स के दौरान होने वाला दर्द शामिल है। ये लक्षण एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड या किसी इन्फेक्शन की ओर इशारा कर सकते हैं। इसलिए अगर पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द होता है, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवाना जरूरी है। इससे बीमारी का वक्त पर पता लगाया जा सकता है।