Period Leave: भारत में कहां-कहां मिलती है पीरियड्स की छुट्टी? जानिए किन राज्यों में है यह सुविधा
भारत में पीरियड लीव को लेकर कोई राष्ट्रीय कानून नहीं है, लेकिन कई राज्य, शिक्षण संस्थान और निजी कंपनियां इसे लागू कर रही हैं। ...और पढ़ें

भारत में 'पीरियड लीव' को लेकर क्या है कानून और किन राज्यों में महिलाओं को मिल रही है यह छुट्टी? (Image Source: AI-Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं की सेहत से जुड़ा एक बेहद अहम विषय है 'पीरियड्स लीव'। जब भी इस छुट्टी की बात आती है, तो बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या भारत में इसके लिए कोई पक्का कानून है? आपको बता दें कि फिलहाल हमारे देश में पीरियड लीव को लेकर कोई भी राष्ट्रीय कानून या पूरे देश में लागू होने वाली कोई एकसमान नीति नहीं है।
हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि महिलाओं को यह सुविधा नहीं मिल रही है (Menstrual leave in India)। राष्ट्रीय स्तर पर कानून न होने के बावजूद, अलग-अलग राज्यों, शिक्षण संस्थानों और कई बड़ी कंपनियों ने अपने स्तर पर महिलाओं के लिए इस छुट्टी को लागू किया है।

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संसद में उठा था मुद्दा
देश में इस विषय पर एक बड़ा कदम तब उठाया गया था, जब साल 2022 में सांसद हिबी ईडन ने संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। इस बिल में उन्होंने यह प्रस्ताव रखा था कि महिलाओं को हर महीने 3 दिन की पीरियड लीव दी जानी चाहिए।
किन राज्यों में मिल रही है 'पीरियड लीव'?
भले ही पूरे देश में कोई एक नियम नहीं है, लेकिन भारत के कई राज्यों ने महिला कर्मचारियों और छात्राओं की सहूलियत के लिए बेहतरीन कदम उठाए हैं:

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बिहार
जब पीरियड लीव की बात आती है, तो बिहार सबसे आगे नजर आता है। इस राज्य में साल 1992 से ही यह नीति लागू है। इसके तहत, बिहार में सरकारी नौकरी करने वाली महिला कर्मचारियों को हर महीने 2 दिन की पीरियड लीव दी जाती है।
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कर्नाटक
कर्नाटक ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। साल 2025 में कर्नाटक देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए पीरियड लीव को अनिवार्य कर दिया है। यहां महिलाओं को हर महीने 1 दिन की छुट्टी का अधिकार दिया गया है।
ओडिशा
ओडिशा सरकार ने भी महिला कर्मचारियों के हित में हाल ही में यह सुविधा लागू की है। साल 2024 से, राज्य की सरकारी महिला कर्मचारियों को हर महीने 1 दिन की छुट्टी मिल रही है।
केरल
केरल सरकार ने कामकाजी महिलाओं से एक कदम आगे बढ़कर छात्राओं के लिए भी नियम बनाए हैं। साल 2023 से केरल के उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने छुट्टी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही एक बड़ी राहत यह दी गई है कि परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी 75% हाजिरी के नियम को घटाकर इन छात्राओं के लिए 73% कर दिया गया है।

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प्राइवेट कंपनियां भी आ रही हैं आगे
सिर्फ राज्य सरकारें ही नहीं, बल्कि कई प्राइवेट कंपनियां भी अपने स्तर पर महिला कर्मचारियों को यह सुविधा दे रही हैं। आज के समय में देश में काम कर रही कई बड़ी कंपनियां अपनी महिला कर्मचारियों को हर महीने छुट्टी की सुविधा दे रही हैं। इनमें जोमैटो, स्विगी और लार्सन एंड टूब्रो जैसी कंपनियां शामिल हैं।
कुल मिलाकर, भारत में अभी तक इसे लेकर कोई राष्ट्रीय कानून तो नहीं बना है, लेकिन इन राज्यों और कंपनियों की पहल से देश में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को काफी राहत मिल रही है।
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