Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    तो क्या एक बार Insulin लेने से पूरे हफ्ते शुगर रहेगी कंट्रोल? जानिए दवा ज्यादा बेहतर या इंसुलिन

    Updated: Sat, 11 Jan 2025 11:40 AM (IST)

    शुगर के मरीजों के लिए न दवा ज्यादा बेहतर है और न ही इंसुलिन। ऐसा इसलिए कि यह बीमारी आपको अंदर ही अंदर गला देती है। बस एक मजबूरी के तौर पर लोग दवाएं और ...और पढ़ें

    शुगर के मरीजों को पैदल और एक्सरसाइज ज्यादा करना चाहिए। ( Pic courtesy : Freepik)
    शुगर के मरीजों को पैदल और एक्सरसाइज ज्यादा करना चाहिए। ( Pic courtesy : Freepik)

    HighLights

    1. शुगर कंट्रोल करने से पहले डाइट करें कंट्रोल
    2. पैदल चलना ज्यादा शुरू करें
    3. एक्सरसाइज का समय निर्धारित करें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इंसुलिन और दवा दोनों ही मधुमेह के इलाज के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन दोनों के बीच में कुछ अंतर हैं। जानकारी के लिए बता दें कि इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैनक्रियास द्वारा उत्पादित किया जाता है। यह रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    इंसुलिन का उपयोग मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता है, खासकर टाइप 1 मधुमेह में। वहीं दवा मधुमेह के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। दवा रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। दवा के कई प्रकार हैं, जिनमें से कुछ दवाएं यह हैं। 

    - मेटफॉर्मिन

    - सुल्फोनीलुरिया

    - मेग्लिटिनाइड्स

    - थियाजोलिडिनेडियोन्स

    यह भी पढ़ें : शहर के ही लोग नहीं लेते Tension, अब गांव के लोगों के बीच भी पहुंच रहा तनाव- ये हैं कई वजह

    इंसुलिन और दवा में अंतर

    बता दें कि इंसुलिन और दवा में कुछ अंतर हैं। अगर बात इंसुलिन की करें तो यह एक हार्मोन है, जबकि दवा एक रसायनिक यौगिक है। वहीं अगर बात करें तो इंसुलिन का उपयोग मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता है, जबकि दवा का उपयोग मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन यह इंसुलिन की तरह प्रभावी नहीं हो सकती है।

    क्या कहते हैं डॉक्टर?

    अगर डॉक्टरों की बात करें तो डॉक्टर मरीजों को ज्यादातर दवा लेने की ही सलाह देते हैं। शारदा हॉस्पिटल इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर भूमेश त्यागी कहते हैं ''असल में दवा इंसुलिन के मुकाबले थोड़ी इजी भी है। इंसुलिन का इंजेक्शन मरीज के पेट में लगाया जाता है जबकि दवा खाना उससे कहीं ज्यादा इज़ी प्रोसेस है।''

    'हां अगर शुगर लेवल बहुत हाई रहता है और दवा से भी कंट्रोल नहीं होता तो ऐसे मामलों में डॉक्टर फिर मरीज को इंसुलिन लेने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब दवा शुगर को कंट्रोल करने में बेअसर रहती हैं तो डॉक्टरों को मरीजों को इंसुलिन लेने की सलाह देनी पड़ती है।''

    क्या इंसुलिन है सेफ?

     

    इंसुलिन के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि वजन बढ़ना, त्वचा की समस्याएं, और हाइपोग्लाइसेमिया। दवा के भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि पेट की समस्याएं, दस्त, और एलर्जी की प्रतिक्रिया।

    खबरें और भी

    क्या एक बार इंसुलिन लेने पर पूरे हफ्ते शुगर रहती है कंट्रोल?

    नहीं, एक बार इंसुलिन लेने पर पूरे हफ्ते शुगर नहीं रहती है कंट्रोल। इंसुलिन का प्रभाव कुछ घंटों तक रहता है, और इसके बाद शुगर का स्तर फिर से बढ़ सकता है। इसलिए, मधुमेह के रोगियों को नियमित रूप से इंसुलिन लेना पड़ता है ताकि उनका शुगर का स्तर नियंत्रित रहे।

    यह भी पढ़ें : बहुत ज्यादा चिकनाई खाते हैं तो संभल जाएं, दिल की नसें हो रहीं कमजोर- बच्चों में बढ़ रहा मोटापा