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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Interrupted Sleep: रातभर बदलते रहते हैं करवटें, बार-बार खुल जाती है नींद; तो जान लें इसके पीछे की वजह

    Updated: Sat, 29 Jun 2024 06:08 PM (IST)

    सोते वक्त कभी-कभार आंख खुल जाना आम बात है लेकिन जब ये रोजाना का सिलसिला बन जाए तो सोचने की जरूरत है। भागदौड़ भरी जिंदगी में आज कई लोग नींद की कमी से ज ...और पढ़ें

    रातभर करवटें बदलना और बार-बार आंख खुलने का कारण जानते हैं आप? (Image Source: Freepik)
    रातभर करवटें बदलना और बार-बार आंख खुलने का कारण जानते हैं आप? (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. नींद पूरी न होने से दिनभर थकान बनी रहती है।
    2. चिड़चिड़ापन भी नींद की कमी का संकेत हो सकता है।
    3. सोशल मीडिया की लत के अलावा सेहत से जुड़े कुछ फैक्टर्स भी नींद की कमी के पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Interrupted Sleep: दिनभर के स्ट्रेस और थकान को दूर करने के लिए रात में सुकून की नींद पाना काफी ज्यादा जरूरी होता है। अगर आप, कम से कम 7-8 घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं, तो ये खतरे की घंटी हो सकती है। वैसे तो, बार-बार आंख खुलना और करवटें बदलना आज के लाइफस्टाइल में काफी कॉमन है, लेकिन कई लोग इसके पीछे की असल वजह से अनजान रहते हैं। अच्छी और गहरी नींद के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाना अपनी जगह है, लेकिन इसकी वजह को समझना सबसे जरूरी है। आइए जानें।

    सोशल मीडिया

    इंटरनेट पर हर वक्त एक्टिव बने रहना भी नींद को प्रभावित करता है। बता दें, कि मोबाइल की रोशनी आंखों पर पड़ने से बॉडी में मेलाटोनिन और स्लीप हार्मोन का प्रोडक्शन बाधित होता है, जो खराब नींद के तौर पर देखने को मिलता है।

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    दवाओं के साइड-इफेक्ट्स

    गहरी नींद न आने के पीछे कई बार दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी जिम्मेदार हो सकते हैं। एंटी-डिप्रेसेंट्स, ड्यूरेटिक्स, बीटा-ब्लॉकर या खांसी-जुकाम के लिए ली जाने वाली दवाएं भी नींद में खलल डालने का काम करती हैं।

    इन्सोम्निया

    स्लीप डिसऑर्डर इन्सोम्निया के कारण भी नींद में बाधा पैदा होती है, जिससे आपको दिनभर थकावट महसूस होती है। बार-बार नींद खुलना, नींद न आना और करवटें बदलते रहना इसी के लक्षणों में गिना जाते हैं।

    थायराइड

    अगर आप थायराइड के पेशेंट हैं, तो ये भी खराब नींद के पीछे की वजह हो सकती है। बता दें, कि इस बीमारी में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिनका असर स्लीपिंग शेड्यूल पर भी साफ नजर आता है। ऐसे में, एड्रेनालाईन हार्मोन के स्तर में इजाफा होता है और नींद की कमी देखने को मिलती है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।