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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या HMPV पर असरदार होगी कोरोना की वैक्सीन? किन टेस्ट से होगी इसकी पहचान, पढ़ें सभी सवालों के जवाब

    Updated: Tue, 07 Jan 2025 04:03 PM (IST)

    देश में HMPV वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह वही वायरस (HMPV Identification Tests) है जो बीते कुछ दिनों से चीन में तेजी से फैल रहा है। ऐसे में ...और पढ़ें

    क्या है वर्तमान में HMPV के इलाज का तरीका (Picture Credit- Freepik)
    क्या है वर्तमान में HMPV के इलाज का तरीका (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. भारत में HMPV के 7 मामले सामने आ चुके हैं।
    2. हालांकि, हेल्थ मिनिस्ट्री ने इससे न डरने की सलाह दी है।
    3. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये वायरस चिंता का कारण नहीं है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। चीन में फैल रहा HMPV यानी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस अब भारत में भी एंट्री कर चुका है। अब तक देश में इस वायरस के 7 मामले सामने आ चुके हैं। इस वायरस पर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह कोई नया वायरस नहीं है और भारत में पहले ही फैल चुका है।

    ऐसे में सावधानी बरतने के साथ ही सही जानकारी का होना भी बेहद जरूरी है। इसलिए इस वायरस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने के लिए हमने सीके बिड़ला अस्पताल, हॉस्पिचल में क्रिटिकल केयर और पल्मोनोलॉजी के प्रमुख डॉ. कुलदीप कुमार ग्रोवर से बातचीत की। आइए जानते हैं HMPV के इलाज और वैक्सीन के बारे में-

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    क्या HMPV का कोई इलाज है?

    डॉक्टर बताते हैं एचएमपीवी का कोई विशेष एंटी-वायरल ट्रीटमेंट नहीं है। इसके इलाज के लिए रूप में मुख्य तौर देखभाल की जरूरत होती है। भरपूर आराम, हाईड्रेशन और गंभीर मामलों में बुखार कम करने वाली दवाओं और ऑक्सीजन थेरेपी की मदद से इसके लक्षणों से राहत मिलती है। हाई रिस्क वाले लोग जैसे बच्चे, बुजुर्ग या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो सकती है। इससे बचने के लिए हाथ की सफाई और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचना जरूरी है।

    वर्तमान में इसे कैसे ट्रीट किया जा सकता है?

    वर्तमान में, एचएमपीवी को ट्रीट करने के लिए सपोर्टिव केयर की जरूरत होती है, क्योंकि इसके लिए खास एंटी-वायरल दवा नहीं है। ऐसे में आराम और हाइड्रेशन की मदद से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही गंभीर मामलों में, ऑक्सीजन थेरेपी या वेंटिलेटरी सपोर्ट भी जरूरत भी हो सकती है।

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    क्या कोरोना वैक्सीन इस पर असरदार हो सकती है?

    डॉक्टर ने बताया कि कोरोना (COVID-19 Vaccine) की वैक्सीन इस पर असरदार नहीं है, क्योंकि दोनों वायरस अलग-अलग हैं। एचएमपीवी को अपने लिए खुद खास वैक्सीन की जरूरत है, जिस पर अभी भी रिसर्च चल रही है। ऐसे में फिलहाल इससे बचाव के लिए अच्छी स्वच्छता बनाए रखना और संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाना की कारगर उपाय है।

    HMPV डिटेक्ट करने के लिए कौन-से टेस्ट मौजूद हैं?

    एचएमपीवी काे डिटेक्ट करने के लिए पीसीआर जैसे विशेष टेस्ट (HMPV Identification Tests) का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये टेस्ट रेस्पिरेटरी सैंपल में वायरस की मौजूदगी को निर्धारित करता है। साथ ही निदान के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट और वायरल कल्चर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, एचएमपीवी की पुष्टि के लिए पीसीआर सबसे सटीक और आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला टेस्ट (HMPV Virus Detection Tests) है, खासकर हॉस्पिटल और लैब्स में।

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