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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Environment Day 2025: प्रदूषित हवा-पानी से बीमार हो रहा शरीर, बढ़ रही हैं खतरनाक बीमारियां

    Updated: Thu, 05 Jun 2025 08:07 AM (IST)

    विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है जिसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगाें में जागरूकता बढ़ाना है। वर्तमान में वायु जल और ध्वनि प्रदूष ...और पढ़ें

    प्रदूषण के कारण कई बीमार‍ियां बढ़ जाती हैं। (Image Credit- Freepik)
    प्रदूषण के कारण कई बीमार‍ियां बढ़ जाती हैं। (Image Credit- Freepik)

    HighLights

    1. हर साल 5 जून काे वि‍श्‍व पर्यावरण द‍िवस मनाया जाता है।
    2. लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के प्रत‍ि जागरुक क‍िया जाता है।
    3. आज के समय बढ़ते प्रदूषण से कई बीमार‍ियां बढ़ रहीं हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। ये दिन पूरी दुनिया में खास महत्व रखता है। इस दिन सभी जगहों पर पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरुक किया जाता है। कई तरह के कैंपेन, कार्यक्रम, सेमिनार का आयोजन कर लोगों को जागरुक किया जाता है। आज के समय में वायु प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण के कारण भी पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है।

    पर्यावरण को जब इतनी क्षति पहुंच रही है तो इससे हमारी सेहत पर बुरा प्रभाव तो पड़ना लाजमी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि खराब पर्यावरण से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ रहा है। ये भी जानेंगे कि आप इनसे कैसे बचाव कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं विस्तार से -

    क्यों मनाया जाता है पर्यावरण दिवस?

    1972 की बात है जब पांच जून को यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली की ओर से पर्यावरण संरक्षण पर पहले ग्लोबल सम्मिट का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में कई देशों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई थी। तभी United Nations Environment Programme की स्थापना हुई और 5 जून का दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में घोषित कर दिया गया।

    आपको बता दें कि हर साल पर्यावरण दिवस एक खास थीम के साथ मनाया जाता है। इस बार की थीम End Plastic Pollution रखा गया है। इस थीम को चुनने का मतलब ये है कि प्लास्टिक प्रदूषण आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं का कारण बन चुका है। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। डाॅ. श्रेय श्रीवास्‍तव (सीन‍ियर कंसल्‍टेंट, इंटरनल मेड‍िस‍िन, शारदा हॉस्‍प‍िटल) ने बताया क‍ि प्रदूषण के कारण हमारी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

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    सेहत पर पड़ता है ये असर

    • जब हवा में धुआं और जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ने लगती है तो हवा दूषित हो जाती है। ऐसे में कइ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों में तो Air Pollution की समस्या आम हो गई है। इससे एयरबोर्न डिजीज का खतरा ज्यादा होता है। सांस की बीमारी, दिल की बीमारी , फेफड़ों, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी कई बीमारियां आपको जकड़ सकती हैं।
    • ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण भीषण गर्मी पड़ती है। जब गर्मी ज्यादा बढ़ती है ताे डिहाइड्रेशन, Heat Stroke, Skin Disease का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तो मेंटल इलनेस का भी सामना करना पड़ता है।
    • डॉ. सुमोल रत्‍न (अस‍िस्‍टेंट प्रोफेसर, ड‍िपार्टमेंट ऑफ मेड‍िसि‍न, NIIMS मेड‍िकल कॉलेज एंड हॉस्प‍िटल) ने बताया क‍ि जल प्रदूषण के कारण साफ पानी नहीं मिलता है। इससे टाइफॉइड, डायरिया, हैजा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। बड़े शहरों में तो वॉटर प्यूरीफायर जैसी सुविधा ज्यादा हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं न होने से इसका खतरा वहां ज्यादा होता है।
    • ध्वनि प्रदूषण की बात करें तो ये मानसिक बीमारियों की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। ऐसे में डिप्रेशन, नींद ना आना, चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी, मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं लोगों में बढ़ रही हैं।

    पर्यावरण को कैसे रखें स्वच्छ

    • प्लास्टिक बॉटल की जगह कांच वाली बॉटल का इस्तेमाल करें।
    • पॉलीथीन का इस्तेमाल करने से बचें। आप कपड़े का झोला या कागज के पैकेट का यूज का सकते हैं।
    • घर का कचड़ा बाहर खुले में न फेंकें।
    • पेड़ पौधे खूब लगाएं।

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